कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा, कहा- जाति जनगणना नहीं कराना चाहती बीजेपी सरकार, इस कारण डरी BJP

जयहिंद का कहना था कि इन लोगों को पता है कि अगर 2027 तक जातिगत जनगणना के आंकड़े आ गए तो उन पर ओबीसी महिलाओं को भी आरक्षण देने का दबाव होगा।

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नवजीवन डेस्क

कांग्रेस ने बुधवार को दावा किया कि मोदी सरकार जाति जनगणना को ठंडे बस्ते में डालना चाहती है क्योंकि वह अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती।पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम, ओबीसी विभाग के प्रमुख अनिल जयहिंद और कुछ अन्य नेताओं ने संवाददाता सम्मेलन में यह आरोप भी लगाया कि राष्ट्रीय स्वंयेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के लोग ‘‘मनुवादी मानसिकता’’ वाले हैं।

अनिल जयहिंद ने दावा किया कि मोदी सरकार जातिगत जनगणना को ठंडे बस्ते में डालना चाहती है। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले लोकसभा चुनाव में 400 पार का नारा देने वाली बीजेपी 240 सीटें हासिल कर पाई। इस नतीजे के बाद आरएसएस-बीजेपी के लोगों ने फैसला किया कि जातिगत जनगणना कराई जाएगी। लेकिन असलियत में वे मनुवादी मानसिकता वाले हैं।’’


जयहिंद का कहना था कि इन लोगों को पता है कि अगर 2027 तक जातिगत जनगणना के आंकड़े आ गए तो उन पर ओबीसी महिलाओं को भी आरक्षण देने का दबाव होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘यही मुख्य कारण है कि मोदी सरकार जातिगत जनगणना को ठंडे बस्ते में डालना चाहती है।’’

गौतम ने कहा, ‘‘ देश के अलग-अलग राज्यों में लोकसभा सीटों की अभी जो संख्या है उसमें असमान रूप से वृद्धि नहीं होनी चाहिए। अगर जनसंख्या के हिसाब से सीटें बढ़ाई गईं तो दक्षिण भारत के राज्यों में सीटें कम हो जाएंगी और उत्तर भारत में सीटें बहुत ज्यादा हो जाएंगी।’’

उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के राज्यों के साथ कोई अन्याय नहीं होना चाहिए और एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं को हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।