हल्द्वानी में खड़गे की सभा वाली जगह के 'शुद्धिकरण' पर कांग्रेस का विरोध, हर जिले में मार्च और सत्याग्रह का ऐलान
हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा वाली जगह के 'शुद्धिकरण' के विरोध में कांग्रेस हर जिले में मार्च और सत्याग्रह करेगी।

उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा वाली जगह का गंगाजल से ‘शुद्धिकरण’ किए जाने के विरोध में कांग्रेस अब प्रदेश के हर जिले में मार्च और सत्याग्रह करेगी। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस संबंध में पार्टी कार्यकर्ताओं को पत्र लिखकर शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 की शाम सभी जिला कांग्रेस कमेटियों को कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया है।
हल्द्वानी की घटना के विरोध में हर जिले में मार्च
केसी वेणुगोपाल ने अपने पत्र में कहा कि हाल ही में हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों ने हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली वाली जगह पर गंगाजल से कथित ‘शुद्धिकरण’ की रस्म निभाई। उनके मुताबिक, यह कार्रवाई इस धारणा के आधार पर की गई कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मंच पर मौजूदगी से वह जगह ‘अपवित्र’ हो गई थी और इसलिए उसका ‘शुद्धिकरण’ जरूरी था।
वेणुगोपाल ने इस घटना को बेहद निंदनीय बताते हुए कहा कि यह कांग्रेस अध्यक्ष का अपमान है। उन्होंने इसे समानता, भाईचारे, सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा जैसे संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ भी बताया।
गांधी या अंबेडकर की प्रतिमा के पास होगा सत्याग्रह
कांग्रेस महासचिव ने सभी जिला कांग्रेस कमेटियों को अपने-अपने क्षेत्र में बड़ा मार्च निकालने और उसके बाद सत्याग्रह करने को कहा है। उनके मुताबिक, मार्च संबंधित जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में निकाला जाएगा और इसका समापन महात्मा गांधी या डॉ. बी. आर. अंबेडकर की प्रतिमा के पास होगा।
यहीं कांग्रेस कार्यकर्ता इस घटना के विरोध में सत्याग्रह करेंगे और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रति अपना समर्थन जताएंगे। वेणुगोपाल ने कहा कि लोकतांत्रिक समाज में भेदभावपूर्ण प्रथाओं और सोच के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
ब्लॉक से लेकर वरिष्ठ नेताओं तक भागीदारी की अपील
केसी वेणुगोपाल ने मार्च और सत्याग्रह में ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों, फ्रंटल संगठनों, विभागों, सेलों, चुने हुए प्रतिनिधियों, वरिष्ठ नेताओं और सभी स्तरों के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
उन्होंने कहा कि हर जिले में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जुटाना जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि कांग्रेस पार्टी और देश के लोग भेदभाव, छुआछूत या संविधान की ओर से गारंटीकृत गरिमा और समानता को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं करेंगे।
