तेल कीमतों पर कांग्रेस का देशव्यापी विरोध आज, सोशल मीडिया पर भी चलेगा #SpeakUpAgainstFuelHike कैंपेन

भारतीय सीमा पर चीनी घुसपैठ को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलने के बाद कांग्रेस आज देश भर में पेट्रोल- डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेगी।

फोटो : सोशल मीडिया
फोटो : सोशल मीडिया
user

नवजीवन डेस्क

देश में पेट्रोल-डीजल के दामों में आग लगी हुई है और बीते 21 दिन से लगातार तेल के दामों में इजाफा हो रहा है। हालत यह है कि दिल्ली में डीजल की कीमतें पेट्रोल से ज्यादा हो चुकी हैं और दोनों ही पेट्रोलियम 80 रुपए प्रति लीटर से ऊपर हैं। इस बढ़ोत्तरी के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ता सोमवार 29 जून को दिन में 10 से 12 बजे के बीच देश भर के जिला मुख्यालयों पर धरना देंगे। धरने के बाद जिला प्रशासन के जरिये राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजे जाएंगे। इसके अलावा कांग्रेस सोशल मीडिया पर #SpeakUpAgainstFuelHike अभियान चलाएगी।

गौरतलब है कि तेल की कीमतों को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी लगातार सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पिछले दिनों ट्वीट कर कहा था कि, “इस संकट के समय केंद्र सरकार ने जनता की जेब काटने का इतिहास रचा है। डीजल अब पेट्रोल के रेट को पार कर चुका है। जबकि दुनिया भर में कच्चे तेल के दाम में भारी गिरावट है।“

वहीं कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट के जरिए मोदी सरकार की नीतियों पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट में कहा था कि, “ मोदी सरकार ने कोरोना महामारी और पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतें “अन्लॉक” कर दी हैं। ”

ध्यान रहे कि शनिवार को 21 दिन के बाद पहला मौका था जब तेल मार्केटिंग कंपनियों ने दामों में बढ़ोत्तरी नहीं की। लेकिन बीते 21 दिन में देश की राजधानी दिल्ली में डीजल 11.01 रुपये लीटर महंगा हो गया है, जबकि पेट्रोल का दाम 9.12 रुपये लीटर बढ़ गया है। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल का भाव बिना किसी बदलाव के क्रमश: 80.38 रुपये, 82.05 रुपये, 87.14 रुपये और 83.59 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है। डीजल का दाम भी चारों महानगरों में पूर्ववत क्रमश: 80.40 रुपये, 75.52 रुपये, 78.71 रुपये और 77.61 रुपये प्रति लीटर बना हुआ है।

केंद्र की मोदी सरकार की नीतियां किस हद तक दोहरी और जनता विरोधी हैं , इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब बीजेपी विपक्ष में थी तो पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर वह आसमान सिर पर उठा लेती थी। लेकिन आज स्थिति यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत गिरकर 40 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गई है लेकिन मोदी सरकार है कि कोरोना काल में मुश्किल हालात का सामना कर रहे उद्योगों और आम लोगों को राहत देने के लि ए पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कम नहीं कर रही है। सरकार की निष्ठुरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली में जब पेट्रोल की कीमत 80.38 रुपये प्रति लीटर थी तो उसमें सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी 32.98 रुपये और वैट 17.71 रुपये था यानी कुल मि लाकर 64 फीसदी टैक्स। इसी तरह दिल्ली में जब डीजल की कीमत 80.40 रुपये प्रति लीटर थी तो उसमें एक्साइज ड्यूटी 31.83 रुपये और वैट 17.6 रुपये था. यानी 63 फीसदी टैक्स।

लोकप्रिय