‘गरीबी पर वार, 72 हजार’ नारे और ‘हम निभाएंगे’ शीर्षक से कांग्रेस ने जारी किया घोषणापत्र, अलग से होगा किसान बजट

गरीबों को हर साल 72 हजार, मार्च 2020 तक 22 लाख सरकारी नौकरियां और 10 लाख पंचायती पदों पर नियुक्ति के वादे के साथ कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी किया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बताया कि घोषणापत्र का फोकस युवा, किसान, महिला, राष्ट्रीय सुरक्षा और देश को जोड़ने पर है।

फोटो: विपिन
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नवजीवन डेस्क

घोषणापत्र जारी करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, “यह कांग्रेस के लिए एक बड़ा कदम है। हमने करीब एक साल पहले इसकी प्रक्रिया शुरु की। मैंने राजीव गौड़ा और पी चिदंबरम जी से बात की और कहा कि घोषणापत्र बंद कमरे में न बने। इसमें देश के लोगों की राय हो। और इसमें जो भी हो वह सच्चा हो और पूरा किया जा सके। हम इसमें कोई झूठ नहीं चाहते थे क्योंकि हम पिछले काफी वक्त से प्रधानमंत्री के झूठ सुनते आ रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “हम जब बोलते हैं, जब हम न्याय के बारे में बोलते हैं तो लोगों से एक रिस्पांस मिलता है। मैं सभी का धन्यवाद करना चाहता हूं। मनमोहन सिंह जी ने अपनी एक्सपर्डीज़ दी, एंटनी जी ने अनुभव दिया। सोनिया गांधी जी ने भी अपने विचार घोषणापत्र पर दिए। मैं सबका धन्यावद करना चाहता हूं।”

इस दौरान उन्होंने अपना हाथ दिखाते हुए कहा, “हमारा हाथ का सिंबल है, हमारे पांच मुद्दे हैं। सबसे पहला है न्याय। पीएम ने कहा था कि 15 लाख रुपए सबको देंगे। मैंने यही बात पकड़ी और घोषणा पत्र समिति से कहा कि पता करो कि सरकार गरीबों के खाते में कितना पैसा डाल सकता है। 72000 रुपए सालाना। गरीबी पर वार, 72 हज़ार।”

उन्होंने आगे कहा, “सबसे पहले वादा है कि न्याय के जरिए हर गरीब के खाते में 72,000 हर साल, 5 साल में 3.60 लाख डालेंगे। इससे गरीबों की जेब में पैसा जाएगा, किसानों की जेब में पैसा जाएगा। मोदी जी ने नोटबंदी और जीएसटी से जो अर्थव्यवस्था ठप कर दी है, उसमें रफ्तार आएगी। आज के समय में सबसे बड़े मुद्दे हैं युवा और किसानों का।

उन्होंने आगे कहा, “मोदी जी ने 2 करोड़ नौकरियों की बात की थी, यह झूठ था। मैंने सच्चाई का पता लगाया। सच्चाई यह है कि 22 लाख सरकारी पद खाली पड़े हैं। उन्हें कांग्रेस मार्च 2020 तक युवाओं से भरेगी। 10 लाख पंचायतों के पद खाली हैं, उन्हें कांग्रेस सरकार पूरा करेगी। उद्यमियों को दिक्कतें होती हैं। 3 साल तक देश के युवा को बिजनेस शुरु करने के लिए किसी मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। आप देश को रोजगार देंगे, आपको कोई मंजूरी नहीं चाहिए। हम बैंक के दरवाजे खोलेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “पीएम ने मनरेगा का मजाक उड़ाया था। हम इसके दिन 100 से बढ़ाकर 150 दिन करना चाहते हैं।” किसानों की बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “कांग्रेस ने चार राज्यों में किसानों का कर्ज माफ किया। किसानों के लिए बड़ी राहत है। किसानों के लिए अलग से बजट आएगा। किसानों को पता होना चाहिए उसके लिए कितना बजट है।”

उन्होंने आगे कहा, “ऐतिहासिक कदम यह है कि करोड़पति बैंक कर्ज लेते हैं। अनिल अंबानी, नीरव मोदी, मेहुल चौकसी जैसे लोग चोरी करके बैंक का पैसा लेकर भाग जाते हैं। किसान जब बैंक से कर्ज लेता है, तो उसे जेल में डाल दिया जाता है उसपर आपराधिक मुकदमा होता है। किसान कर्ज नहीं चुका पाता है तो यह आपराधिक मुकदमा नहीं होगा, बल्कि दीवानी मुकदमा होगा।”

शिक्षा और स्वास्थ्य की बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “शिक्षा में हर जीडीपी का 6 फीसदी पैसा देश की शिक्षा पर खर्च करेंगे। यूनीवर्सिटीज़, आईआईएम, आईआईटी आदि को सब जगह सबके लिए सुलभ बनाना चाहते हैं। मोदी सरकार ने यूपीए के मुकाबले इसे कम किया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार एक योजना लाई, जिसका मकसद लोगों का पैसा लेकर निजी हाथों में देने का काम किया। हम सरकारी अस्पतालों और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना चाहते हैं। गरीब से गरीब व्यक्ति को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थय सेवाएं उपलब्ध होंगी।”

उन्होंने आगे कहा, “बीते पांच साल में बीजेपी सरकार ने देश को बांटने का, नफरत फैलाने का काम किया। उनका रिकॉर्ड सामने है। जम्मू-कश्मीर में मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रीय और घरेलू सुरक्षा पर हमारा फोकस होगा।

Published: 2 Apr 2019, 1:14 PM
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