कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने केरल की जनता आभार जताया, कहा- राज्य का खोया हुआ गौरव बहाल करेंगे
इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने भी केरल विधानसभा चुनाव में पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन यूडीएफ की जीत पर राज्य के लोगों का आभार जताया और कहा कि नई सरकार प्रदेश की प्रतिभा और क्षमता का सदुपयोग करेगी।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केरल चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन यूडीएफ की प्रचंड जीत पर सोमवार को राज्य की जनता का आभार जताया और कहा कि नई सरकार प्रदेश के खोए हुए गौरव को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। केरल विधानसभा चुनाव में सोमवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने प्रचंड जीत हासिल की है और 102 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि सीपीएम के नेतृत्व वाला एलडीएफ 35 सीट पर ही सिमट गया है।
खड़गे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘सही मायनों में कल्याण और वास्तविक आर्थिक सशक्तीकरण अब केरल में शुरू होता है। कांग्रेस की ओर से, मैं कांग्रेस पार्टी और यूडीएफ पर भरोसा रखने के लिए केरल के प्रत्येक मतदाता का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। मैं प्रत्येक नेता, कार्यकर्ता और हमारे यूडीएफ सहयोगियों को भी धन्यवाद देता हूं जिनकी अथक मेहनत और समर्पण ने लोगों का जनादेश हासिल किया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम केरल और यूडीएफ के जन-केंद्रित शासन मॉडल की मदद से खोए हुए गौरव को बहाल करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं।’’
इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने भी केरल विधानसभा चुनाव में पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन यूडीएफ की जीत पर राज्य के लोगों का आभार जताया और कहा कि नई सरकार प्रदेश की प्रतिभा और क्षमता का सदुपयोग करेगी। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘वास्तव में निर्णायक जनादेश के लिए केरल में मेरे भाइयों और बहनों को धन्यवाद। कठिन संघर्ष और अच्छी तरह से चलाए गए अभियान के लिए प्रत्येक यूडीएफ नेता और कार्यकर्ता को बधाई। जैसा कि मैंने पहले कहा था, केरल में प्रतिभा है, केरल में क्षमता है और अब केरल में यूडीएफ सरकार है जिसका लक्ष्य दोनों का सदुपयोग करना है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं जल्द ही अपने केरल परिवार से मिलने के लिए उत्सुक हूं।’
इस बीच एलडीएफ की करारी हार के बाद पिनरायी विजयन ने सोमवार को केरल के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे उनका एक दशक लंबा कार्यकाल समाप्त हो गया। राजभवन के एक बयान के अनुसार, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और विजयन से अनुरोध किया है कि वैकल्पिक व्यवस्था होने तक वह कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में बने रहें।
पिछले 10 वर्षों में लगातार दो कार्यकाल तक राज्य का नेतृत्व करने वाले विजयन ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) की शानदार जीत के बाद अपना इस्तीफा सौंप दिया। यूडीएफ ने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया।निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 140 सदस्यीय विधानसभा में यूडीएफ ने 102 सीट जीती हैं, जबकि सीपीएम के नेतृत्व वाले एलडीएफ ने 35 सीट जीती हैं। बीजेपी ने राज्य में तीन सीट जीतकर राज्य विधानसभा में अपना खाता खोला।
