'पीएम मोदी ने शिक्षा क्षेत्र के ऐसे झोलाछाप लोगों...', NCERT पाठ्यपुस्तक मामले में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री को घेरा
जयराम रमेश ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस बात की भी जांच करनी चाहिए कि पाठ्यपुस्तकों को फिर से कैसे लिखा गया है और ‘‘वे कैसे ध्रुवीकरण और राजनीतिक हिसाब-किताब करने का साधन बन गई हैं।’’

कांग्रेस ने इजरायल दौरे और एनसीईआरटी के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा कि पीएम मोदी एनसीईआरटी की पुस्तकों के मुद्दे पर बनावटी नाराजगी दिखा रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने ‘‘स्वयं पाठ्यपुस्तकों को दोबारा लिखने के लिए नागपुर सांप्रदायिक तंत्र का मार्गदर्शन किया है।’’
जयराम रमेश ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस बात की भी जांच करनी चाहिए कि पाठ्यपुस्तकों को फिर से कैसे लिखा गया है और ‘‘वे कैसे ध्रुवीकरण और राजनीतिक हिसाब-किताब करने का साधन बन गई हैं।’’
जयराम रमेश का पीएम मोदी पर निशाना
जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘इजराइल में वास्तविक नैतिक कायरता का प्रदर्शन करने के बाद, प्रधानमंत्री एनसीईआरटी पुस्तकों के मुद्दे पर नकली आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। स्पष्ट रूप से नुकसान की भरपाई की कवायद के तहत वह बता रहे हैं कि वह एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों में न्यायपालिका के महत्वपूर्ण संदर्भों से बेहद नाखुश हैं।’’
उन्होंने दावा किया कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र के ऐसे ‘‘झोलाछाप लोगों के एक नेटवर्क की अगुवाई की है, जिन्होंने पाठ्यपुस्तकों को अपने वैचारिक वायरस से संक्रमित करके गंभीर क्षति पहुंचाई है।’’
उनका कहना है कि यह अचानक नहीं हुआ है, बल्कि एक व्यवस्थित अभियान का हिस्सा हैं।
पीएम मोदी पर आरोप
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद ने दावा किया, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं पाठ्यपुस्तकों के पुनर्लेखन के लिए नागपुर सांप्रदायिक तंत्र का मार्गदर्शन किया है। यह उनका खुद को उन पाठ्यपुस्तकों से दूर करने का सरासर पाखंड है, जिसने सुप्रीम कोर्ट को चिंतित किया है।’’
एनसीईआरटी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने एनसीईआरटी की आठवीं कक्षा के सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर अध्याय होने को लेकर बुधवार को कड़ी आपत्ति जताई थी, जिसके बाद एनसीईआरटी ने विवादित पाठ्यपुस्तक को अपनी वेबसाइट से हटा दिया।
न्यायालय ने बृहस्पतिवार को एनसीईआरटी की इन किताबों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया और किताबों की सभी प्रतियों को जब्त करने के साथ-साथ इसके डिजिटल संस्करणों को भी हटाने का आदेश दिया।
पीटीआई के इनपुट के साथ
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