कश्मीर से धारा 370 हटाने के फैसले के साथ है देश, मोदी सरकार के इस दावे में कितना है दम? पढ़िए क्या सोचती है जनता

जम्मू-कश्मीर से मोदी सरकार द्वारा धारा 370 हटाए जाने के फैसले पर लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। एक व्यक्ति ने कहा कि सरकार को कश्मिरियों का ध्यान रखना चाहिए। उन्हें ऐसा न लगे कि धारा 370 हटने के बाद अब उनका शोषण होगा।

फोटो: सोशल मीडिया
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जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने से लेकर अब तक केंद्र की मोदी सरकार यह दावा करते हुए रही है कि जो कुछ भी किया गया कश्मिरियों के भले के लिए किया गया। मोदी सरकार का दावा है कि कश्मीर समेत पूरे देश की जनता यह चाहती थी कि धारा 370 को हटा दिया जाए और लोग इस फैसले से खुश हैं। सरकार के इस दावे में कितनी सच्चाई है। इस बात को जानने के लिए कांग्रेस पार्टी ने लोगों से बात की। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने को लेकर लोगों से जो प्रतिक्रिया है वह हैरान कर देने वाली है।

जम्मू-कश्मीर से मोदी सरकार द्वारा धारा 370 हटाए जाने के फैसले पर लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। एक व्यक्ति ने कहा कि सरकार को कश्मिरियों का ध्यान रखना चाहिए। उन्हें ऐसा न लगे कि धारा 370 हटने के बाद अब उनका शोषण होगा। लोगों ने कहा कि जो अफवाहें उड़ रही हैं कि वहां पर देश के दूसरे राज्यों के लोग जाकर जमीन खरीदेंगे, इस तरह की अफवाह नहीं उड़नी चाहिए। लोगों ने कहा कि कश्मीरी भी हमारे भाई-बहन हैं, ऐसे में वहां शांति रहनी चाहिए।


जम्मू-कश्मीर को छावनी में तब्दील करने और वहां पर संचार सेवाएं बंद करने पर भी लोगों ने सवाल खड़े किए। एक व्यक्ति ने कहा कि सरकार ने वहां पर संचार सवाओं को बंद कर रखा है। उसे तुरंत चालू किया जाना चाहिए, ताकि बाकी देश के दूसरे हिस्सों में रह रहे कश्मीरी अपने परिजनों से बात कर सकें। लोगों ने मोदी सरकार के फैसले पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जिस तरह से जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाया गया वह ठीक नहीं था। धारा 370 को दूसरे तरीके से भी हटाया जा सकता था। वहां के लोगों को भरोसे में लेकर भी यह काम किया जा सकता था।

एक व्यक्ति ने कड़े लहजे में मोदी सरकार के इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में सरकार ने जो कुछ भी किया वह लोकतंत्र के खिलाफ था। सरकार ने जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश का दर्ज दिया है, लेकिन उसे राज्य का दर्जा मिलना चाहिए, वहां पर तुरंत चुनाव कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों को भरोसे में लेना बेहद जरूरी है।


जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के मोदी सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए एक महिला ने कहा, “एक चीज तो बेहद साफ है कि सरकार ने वहां के लोगों से कुछ नहीं पूछा। मोदी सरकार ने वहां के लोगों और नेताओं को बंद कर दिया, जोकि ठीक नहीं है। अगर सरकार यह कह रही है कि कश्मीर के लोग इस फैसले से खुश हैं तो ऐसे में सवाल यह कि जब धारा 370 हटाए जाने का फैसला लिया गया तो वहां के लोगों से क्यों नहीं पूछा गया? सरकार इतनी डरी हुई क्यों थी। वहां के लोगों की आवाज सुनी जानी चाहिए और यही हमारा संविधान भी कहता है।”

इस बातचीत के दौरान लोगों ने कश्मीरियों के साथ खड़े होने की बात कही। लोगों ने कहा कि कश्मीरी क्या सोच रहे हैं, वे इस बात को बखूबी समझ सकते हैं। लोगों ने कहा कि वे कश्मिरियों के साथ हैं और उम्मीद करते है कि उनके लिए कुछ कर सकें।

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Published: 18 Aug 2019, 3:05 PM