कोरोना: 10 हजार के आंकड़े छूने के बाद जागी खट्टर सरकार, महंगे टेस्‍ट पर किया फैसला, अब 2400 रुपए में होगी जांच

कोरोना के महंगे टेस्‍ट को लेकर बीजेपी सरकार पर काफी समय से सवाल उठ रहे थे, लेकिन अब जाकर सरकार ने लोगों को इसमें राहत दी है। सरकार के एक प्रवक्ता ने इस संबंध में बताया कि हरियाणा में कोई भी निजी प्रयोगशाला कोविड-19 हेतु आरटी-पीसीआर टेस्ट के लिए 2400 रुपये से ज्यादा शुल्क नहीं लेगी।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया
user

धीरेंद्र अवस्थी

हरियाणा में जब कोरोना मरीजों की संख्‍या 10 हजार के आंकड़े को छूने वाली है, उस वक्‍त सरकार को कोरोना के टेस्‍ट की दरें संशोधित करने की याद आई है। अब प्रदेश में कोरोना वायरस का टेस्‍ट 2400 रुपये में होगा। इससे पहले निजी प्रयोगशालाएं कोरोना टेस्‍ट के 4500 रुपये वसूल रही थीं। यह संशोधित दरें तुरंत प्रभाव से लागू होंगी।

महंगे टेस्‍ट को लेकर सरकार पर काफी समय से सवाल उठ रहे थे, लेकिन अब जाकर सरकार ने लोगों को इसमें राहत दी है। सरकार के एक प्रवक्ता ने इस संबंध में बताया कि कोई भी निजी प्रयोगशाला कोविड-19 हेतु आरटी-पीसीआर टेस्ट के लिए 2400 रुपये से ज्यादा शुल्क नहीं लेगी। उन्होंने बताया कि कर सहित, यदि कोई हो तो हरियाणा में सैंपल, डॉक्यूमेंटेशन और रिपोर्टिंग की पिकअप पैकिंग और परिवहन में शामिल लागत इस 2400 रुपये में ही शामिल होगी। हरियाणा में आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कोविड-19 के टेस्ट निजी प्रयोगशालाओं के माध्यम से करवाए जा रहे थे, जिसकी पहले कीमत 4500 रुपये प्रति टेस्ट थी।

इसके अलावा, प्रयोगशालाओं को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वह टेस्ट की दरों को सही तरीके से प्रदर्शित करें। साथ ही प्राइवेट प्रयोगशालाओं को कोविड-19 टेस्ट से संबंधित परिणाम के रियल टाइम के अनुसार डाटा राज्य सरकार और आईसीएमआर के साथ सांझा करना होगा। इसके लिए आईएमसीआर और हरियाणा सरकार के पोर्टल पर जानकारी देनी होगी।

प्रवक्ता ने बताया कि जिस व्यक्ति का टेस्ट किया जाएगा, सैंपल लेते समय, उस व्यक्ति की पहचान, पता और सत्यापित मोबाइल नंबर को सैंपल रेफरल फॉर्म (एसआरएफ) के अनुसार रिकॉर्ड के लिए नोट किया जाएगा। नमूना लेने के समय डाटा को आरटी-पीसीआर ऐप पर अपलोड किया जाएगा। परीक्षण की रिपोर्ट पूरी होने के तुरंत बाद रोगी को सूचित किया जाना चाहिए। कोरोना पॉजिटिव टेस्ट पाए जाने पर संबंधित प्रयोगशाला को जिला सिविल सर्जन को ई-मेल के माध्यम से सूचित करना होगा।

सभी उपायुक्तों एवं सिविल सर्जनों को प्रयोगशालाओं पर कड़ी निगरानी रखने और एनएबीएल और आईसीएमआर द्वारा मंजूर प्रयोगशालाओं द्वारा कोविड-19 के टेस्ट के लिए दरों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गये हैं।

लोकप्रिय
next