कोरोना संकट: हरियाणा में लगातार बिगड़ रहे हालात, फाइनल ईयर मेडिकल छात्रों को भी ड्यूटी में लगाने का फरमान

राज्य में पिछले कई दिनों से 10 हजार से अधिक कोरोना के नए मामले रोज सामने आ रहे हैं। शनिवार को भी 10491 कोरोना के नए केस आए, जबकि 60 लोगों ने दम तोड़ दिया। सबसे गंभीर बात यह है कि राज्य में रिकवरी रेट लगातार गिर रहा है, जो अब 82.32 पर पहुंच चुका है।

फाइल फोटोः सोशल मीडिया
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धीरेंद्र अवस्थी

हरियाणा में पिछले 10 दिनों में 77,534 कोरोना के मरीज सामने आए हैं, जबकि 369 लोगों की मौत हो गई है। लिहाजा, तेजी से बिगड़ते हालात के मद्देनजर प्रदेश सरकार आपातकालीन इंतजाम की तरफ बढ़ रही है। अब मेडिकल कालेजों के फाईनल ईयर के स्‍टूडेंट को भी अस्‍पतालों में लगाने के फरमान जारी हुए हैं। इसके साथ ही सभी जिला उपायुक्‍तों को धारा 144 लगाने के लिए अधिकृत कर दिया गया है।

हरियाणा में पिछले कई दिनों से 10 हजार से अधिक कोरोना के मरीज रोजाना सामने आ रहे हैं। शनिवार को भी 10491 कोरोना के नए केस आए हैं, जबकि 60 लोगों ने इस महामारी से दम तोड़ा है। इसके साथ ही राज्‍य में कुल आए कोरोना पॉजिटिव केसों की तादाद 413334 हो गई है, जबकि अब तक प्रदेश में 3703 लोग कोरोना की भेंट चढ़ चुके हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि रिकवरी रेट लगातार गिर रहा है, जो अब 82.32 पर पहुंच चुका है। राज्‍य में सक्रिय मरीजों की तादाद भी 69,384 हो गई है।

चिंताजनक होती स्थिति के बीच प्रदेश सरकार ने निजी अस्पतालों को 50 प्रतिशत तक बिस्तरों को कोविड मरीजों के लिए आरक्षित करने के लिए कहा है। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में ओपीडी का समय कम कर दिया गया है, ताकि कोविड के मरीजों को प्राथमिकता दी जा सके। राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में घर से काम करने को आवश्यकता अनुसार बढ़ावा दिया जाएगा। जिन कार्यालयों में घर से काम चल सकता है, वहां अधिकतम कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने के निर्देश दिए गए हैं। सबसे ज्‍यादा कोरोना मरीज वाले जिले गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में निजी कार्यालयों को अधिकतम कर्मचारियों को घर से काम करने को प्राथमिकता देने को कहा गया है।


इसके अलावा अब किसी भी सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों में लोगों की संख्या 50 से अधिक और दाह संस्कार में 20 से अधिक नहीं होगी। इसके अलावा सभी जिला उपायुक्तों को आवश्यकतानुसार धारा 144 लगाने, जिलों में सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या तय करने, कंटेनमेंट जोन बनाने, भीड़ एकत्र नहीं होने देने सहित अन्य निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय कोविड निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये फरमान जारी किए हैं। यह भी कहा गया कि लोगों का सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण नि:शुल्क किया जाएगा, जबकि निजी अस्पताल में यह टीका फ्री नहीं होगा। बढ़ रहे कोविड मरीजों को देखते हुए कॉर्पोरेट घरानों से अपील की जाएगी कि वह अपने कर्मियों और मजदूरों का टीकाकरण अपने खर्च पर करवाएं।


स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में पढ रहे फाइनल वर्ष के छात्रों को भी कोविड महामारी को देखते हुए अस्पतालों में लगाने के लिए कहा है। इसके साथ ही राज्य में पहले बनाए गए प्लाज्मा बैंक को पुन: सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार से प्रदेश के ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाकर 200 एमटी करने की मांग की गई है। अभी हरियाणा को 162 एमटी ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। राज्य के लघु उद्योगों को भी ओद्यौगिक ऑक्सीजन को मेडिकल ऑक्सीजन में बदलने के निर्देश दिए गए हैं।

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