मौसमी महामारी की तरह जल्द खत्म हो जाएगा कोविड, तीसरी लहर के बीच रूसी विशेषज्ञ ने किया दावा

रूसी विज्ञान अकादमी के अध्यक्ष अलेक्जेंडर सगेर्येव ने भी कहा कि उम्मीद है कि कोविड महामारी फ्लू की तरह मौसमी महामारी में बदल जाएगी। मौजूदा हालात 1960 के दशक की तरह दिखते हैं, जब हांगकांग में फ्लू का बहुत गंभीर प्रभाव था, कई लोग गंभीर रूप से बीमार हुए थे।

फोटोः सांकेतिक
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नवजीवन डेस्क

कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन दुनिया भर में तेजी से फैल रहा है और आक्रामकता में इसने पिछले डेल्टा स्ट्रेन को पीछे छोड़ दिया है। इस बीच कई रूसी और डेनिश विशेषज्ञों ने कहा है कि इसका प्रकोप इस साल मौसमी महामारी की तरह खत्म हो जाएगा। समाचार एजेंसी तास ने बताया कि महामारी विज्ञानी और रूस के पूर्व मुख्य सैनिटरी डॉक्टर गेनेडी ओनिशचेंको के अनुसार, सभी निवारक उपायों और टीकाकरण अभियान के पालन को देखते हुए मई तक कोरोना वायरस महामारी समाप्त हो सकती है।

डॉक्टर गेनेडी ओनिशचेंको ने कहा, "मई तक का लंबा समय है.. अगर हम अभी वह करते हैं जो आवश्यक है, तो उस समय तक यह पहले से ही धीमा हो जाना चाहिए, कम से कम नियंत्रण में तो आ ही जाना चाहिए।" उन्होंने कहा कि अब घबराने की कोई बात नहीं है, क्योंकि टीके पहले ही विकसित हो चुके हैं और कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ टीकाकरण पर ध्यान देना आवश्यक है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी विज्ञान अकादमी के अध्यक्ष अलेक्जेंडर सगेर्येव ने भी कहा कि मौजूदा कोविड-19 महामारी 2022 से शुरू होने वाली मौसमी महामारी में बदल जाएगी। उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि कोविड-19 महामारी फ्लू की तरह मौसमी महामारी में बदल जाएगी। मुझे कहना चाहिए कि मौजूदा हालात 1960 के दशक की तरह दिखते हैं, जब हांगकांग में फ्लू महामारी का बहुत गंभीर प्रभाव था, कई लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए थे।"


उन्होंने कहा, "लेकिन टीके और दवाएं नियत समय में बनाई गईं और हम अब 60 वर्षो से फ्लू के साथ जी रहे हैं और लगभग इसके आदी हो गए हैं। आज कोविड के साथ जो हो रहा है, वह कुछ मायनों में वैसा ही है- एक गंभीर महामारी, भय, टीकों का निर्माण और दवाओं का विकास। यदि अच्छी, विश्वसनीय दवा ली जाए और प्रोटोकॉल का पालन किया जाए, तो हम इस बीमारी को सामान्य फ्लू की तरह देखना शुरू कर देंगे।"

रिपोर्ट में कहा गया है कि सगेर्येव ने टिप्पणी की कि रूस में कम टीकाकरण के कारण उच्च मृत्यु दर है। उन्होंने कहा, "यह हमारा दोष है, जिसके लिए टीकाकरण के संबंध में लोग, वैज्ञानिक और अधिकारी जिम्मेदार हैं। वायरस से मरने वालों में से अधिकांश का टीकाकरण नहीं किया गया था। मेरा मानना है कि रूस को कम टीकाकरण दर की कीमत चुकानी पड़ रही है।"

द गार्जियन ने बताया कि इस बीच, डेनमार्क के स्टेट सीरम इंस्टीट्यूट के मुख्य महामारी विज्ञानी टायरा ग्रोव क्रूस ने कहा है कि कोविड-19 का ओमिक्रॉन वेरिएंट महामारी का अंत ला रहा है और हम दो महीने में अपना सामान्य जीवन वापस पा लेंगे। शुरुआती अंदेशों के बावजूद कि ओमिक्रॉन अपने बढ़े हुए स्तर के कारण महामारी को लंबा खींच सकता है, क्रूस ने कहा कि यह वास्तव में महामारी के अंत का जादू कर सकता है।

उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि अगले दो महीनों में संक्रमण कम होना शुरू हो जाएगा और हमें अपना सामान्य जीवन वापस मिल जाएगा। स्टेट सीरम इंस्टीट्यूट के नेतृत्व में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि ओमिक्रॉन से संक्रमित लोग डेल्टा से संक्रमण की तुलना में आधी संख्या में अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं।

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