मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष से कच्चा तेल फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार, महंगाई और बढ़ने का खतरा

कच्चे तेल में तेजी ऐसे समय पर देखने को मिली है, जब इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) कीमतों में तेजी को कम करने के लिए इमरजेंसी रिजर्व से कच्चा तेल जारी करने का ऐलान कर चुका है।

मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष से कच्चा तेल फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार
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मध्य पूर्व में संघर्ष बढ़ने का असर कच्चे तेल पर स्पष्ट दिखाई देखे लगा है और गुरुवार को कीमत फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। 

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ब्रेंट क्रूड का दाम 9 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 100.76 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। वहीं, डब्ल्यूटीआई क्रूड का दाम करीब 9 प्रतिशत बढ़कर 95 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।

कच्चे तेल में तेजी ऐसे समय पर देखने को मिली है, जब इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) कीमतों में तेजी को कम करने के लिए इमरजेंसी रिजर्व से कच्चा तेल जारी करने का ऐलान कर चुका है।

बीते बुधवार को 32 देशों के सदस्यता वाले आईईए ने इमरजेंसी रिजर्व से 400 मिलियन बैरल कच्चा तेल जारी करने का ऐलान किया है, यह अब तक के इतिहास में आईईए द्वारा कच्चा तेल जारी करने का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

इसके अलावा, अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने अलग से घोषणा की कि वह रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व से 172 मिलियन बैरल तेल जारी करेगा, और ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कहा कि शिपमेंट अगले सप्ताह शुरू हो सकता है और इसे पूरा होने में लगभग 120 दिन लगेंगे।


इससे पहले मध्य पूर्व में संघर्ष बढ़ने के चलते कच्चा तेल 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। हालांकि, बाद में गिरकर 80 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था।

कच्चे तेल में तेजी की वजह होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही कथित तौर बाधित होना है। इससे साथ,अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष में अब तेल टैंकरों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे इसमें और इजाफा हो गया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य, मध्य पूर्व में संकरा समुद्री मार्ग है, जिससे दुनिया में उत्पादित होना वाला करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल का व्यापार होता है।

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