केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए अब 6 अप्रैल से होगा सीयूईटी का रजिस्ट्रेशन, आखिरी तारीख 6 मई

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के मुताबिक, सीयूईटी के लिए आवेदन 6 अप्रैल से शुरू होकर 6 मई तक जारी रहेंगे। पहले आवेदन की आखिरी तारीख 30 अप्रैल निश्चित की गई थी, हालांकि अब इसमें भी विस्तार किया गया है।

सांकेतिक फोटो
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आईएएनएस

केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) की प्रक्रिया अब 6 अप्रैल से शुरू होगी। पहले यह प्रक्रिया 2 अप्रैल से शुरू की जानी थी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के मुताबिक, सीयूईटी के लिए आवेदन 6 अप्रैल से शुरू होकर 6 मई तक जारी रहेंगे। पहले आवेदन की आखिरी तारीख 30 अप्रैल निश्चित की गई थी, हालांकि अब इसमें भी विस्तार किया गया है।

कॉमन एंट्रेंस टेस्ट के माध्यम से ही अब केंद्रीय विश्वविद्यालय से संबंधित कॉलेजों एवं विभागों के अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में दाखिला मिल सकेगा। दाखिला लेने इच्छुक छात्र ऑनलाइन यह फॉर्म भर सकते हैं। फॉर्म भरते समय छात्रों को कुछ खास नियमों का ध्यान रखना होगा।

सीयूईटी परीक्षा के लिए आवेदन की कोई आयु सीमा नहीं रखी गई है। हालांकि, इसके लिए शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है। सीयूईटी के लिए पंजीकरण करने के इच्छुक उम्मीदवारों को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होना चाहिए। यहां भी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने कुछ छात्रों को छूट प्रदान की है। इस छूट के तहत वह छात्र भी सीयूईटी के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने इस वर्ष 12वीं की परीक्षा देनी है।

हालांकि जो छात्र 12वीं की परीक्षा दे चुके हैं, उन्हें 12वीं की मार्कशीट संलग्न करनी होगी। वहीं सभी फॉर्म भरने वाले सभी छात्रों को अपनी पासपोर्ट साइज फोटो, एक आईडी प्रूफ और स्कैन किए हुए हस्ताक्षर, फॉर्म के साथ अपलोड करने होंगे। यूजीसी के अनुसार अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए यह परीक्षा जुलाई 2022 के पहले सप्ताह में आयोजित की जाएगी।


इन परीक्षाओं के लिए एग्जाम का पैटर्न इस प्रकार का रखा गया है, जिसमें बहुविकल्पीय प्रश्न एमसीक्यू होंगे। यह परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। 6 अप्रैल से विभिन्न केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट का फॉर्म उपलब्ध होगा। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के लिए दाखिले की प्रक्रिया भी बदल गई है। केंद्रीय विश्वविद्यालय से संबंधित कॉलेजों में अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए अब 12वीं के अंक कोई विशेष महत्व नहीं रखेंगे। अब तक 12वीं की मेरिट के आधार पर कॉलेजों में दाखिले होते रहे हैं। लेकिन अब छात्र एंट्रेंस टेस्ट की प्रक्रिया से गुजरेंगे, जिसके लिए यह फॉर्म भरना अनिवार्य होगा।

देशभर के कई शिक्षाविदों का मानना है कि अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के लिए होने वाला सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट छात्रों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाला है। खासतौर पर ऐसे स्कूली छात्र जो अभी 12वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं।

यूजीसी के मुताबिक, कॉमन एंट्रेंस टेस्ट का सबसे बड़ा लाभ यह है कि कॉमन एंट्रेंस टेस्ट में प्रदर्शन के आधार पर केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश दिया जाएगा। ये परीक्षाएं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित की जाएंगी और 13 भाषाओं- हिंदी, गुजराती, मराठी, तमिल, तेलुगू, मलयालम, कन्नड़, बांग्ला, उड़िया, असमिया, पंजाबी, उर्दू और अंग्रेजी में होंगी। इससे सभी क्षेत्र और वर्गो के छात्रों को समान अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।

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