आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'अर्नब' से तबाही, पेड़-बिजली के खंभे उखड़े, सड़कें जलमग्न, 63 ट्रेनें रद्द
आंध्र प्रदेश में अर्नब चक्रवात के कारण तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए हैं। खराब मौसम के कारण 63 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।

अर्नब चक्रवात ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और पुडुचेरी के यानम के बीच तट पर लैंडफॉल किया।
काकीनाडा, कोनासीमा और पश्चिम गोदावरी में 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रहीं, विशाखापत्तनम में 200.20 मिमी बारिश दर्ज की गई।
तेज हवाओं और भारी बारिश से पेड़, बिजली के खंभे और मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त हुए, कई इलाके जलमग्न।
चक्रवात के कारण 63 ट्रेनें रद्द और 15 के समय में बदलाव किया गया, विशाखापत्तनम में राज्य सड़क परिवहन निगम की 160 बस सेवाएं रद्द।
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में अर्नब चक्रवात ने भारी तबाही मचाई है। काकीनाडा और पुडुचेरी के केंद्र शासित प्रदेश यानम के बीच चक्रवात के लैंडफॉल की प्रक्रिया मंगलवार रात शुरू हुई, जिसके बाद तटीय जिलों में तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन ठप कर दिया। कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं और निचले इलाकों में पानी भर गया। बिजली आपूर्ति बाधित होने से कई क्षेत्र अंधेरे में डूब गए।
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रखर जैन ने बुधवार सुबह 6 बजे जारी बुलेटिन में बताया कि चक्रवात की लैंडफॉल प्रक्रिया जारी थी। इसका केंद्र यानी ‘आई’ नर्सापुरम से करीब 30 किलोमीटर, यानम से 55 किलोमीटर, काकीनाडा से 70 किलोमीटर और मछलीपट्टनम से 90 किलोमीटर दूर था। अधिकारियों के मुताबिक, काकीनाडा, कोनासीमा और पश्चिम गोदावरी जिलों में 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और अगले तीन घंटे तक इनके जारी रहने की आशंका थी।
विशाखापत्तनम में सबसे ज्यादा बारिश
अर्नब चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। विशाखापत्तनम में मंगलवार आधी रात तक 200.20 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि विजयनगरम जिले के कोथावलसा में 162.75 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। विशाखापत्तनम, विजयनगरम, श्रीकाकुलम, पार्वतीपुरम मान्यम, अनकापल्ली, अल्लूरी सीताराम राजू, काकीनाडा और पूर्वी गोदावरी जिले भारी बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
काकीनाडा और यानम के तटीय इलाकों में समुद्र की लहरें 1.5 से 2.5 मीटर तक ऊंची उठने की खबरें आईं। वहीं, कुछ प्रभावित तटीय हिस्सों में लहरों की ऊंचाई पांच से आठ मीटर तक बताई गई। उप्पाडा के पास कोथापट्टनम में समुद्री कटाव रोकने के लिए पत्थरों से बनाई गई सुरक्षा दीवार को लहरों से भारी नुकसान पहुंचा। तट की सुरक्षा के लिए रखे गए बड़े पत्थर टूटकर सड़क पर बिखर गए, जिससे आवाजाही प्रभावित हुई। तेज हवा और समुद्र से उठते पानी के छींटों के बीच तटीय सड़कों पर चल रहे कई मोटरसाइकिल सवार संतुलन खो बैठे और छह लोगों को मामूली चोटें आईं।
सैकड़ों बिजली के खंभे गिरे, मोबाइल नेटवर्क ठप
चक्रवात का असर बिजली, संचार और परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा। काकीनाडा और कोनासीमा जिलों में सैकड़ों बिजली के खंभे गिर गए हैं, जबकि कई होर्डिंग और मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली आपूर्ति बाधित होने से कई मोबाइल टावरों के सिग्नल भी बंद हो गए हौ। अल्लावरम में समुद्र का पानी ओएनजीसी संयंत्र की चारदीवारी तक पहुंच गया। कई गांवों में टिन की छत वाले शेड उड़ गए, जबकि पोल्ट्री फार्मों को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है।
यानम में कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए हैं। वहां विस्थापित लोगों के लिए बनाए गए एक पुनर्वास केंद्र के पूरे भूतल में पानी भर गया है, जिसके बाद वहां रह रहे लोगों को सुरक्षा के लिए पहली मंजिल पर पहुंचाया गया। पश्चिम गोदावरी जिले के नर्सापुरम में भी कई पेड़ उखड़ गए और बिजली गुल होने से शहर तथा आसपास के गांव अंधेरे में डूब गए।
रेल और सड़क यातायात प्रभावित
रेलवे ने खराब मौसम के कारण 63 ट्रेनें रद्द कर दी हैं, जबकि 15 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है। विशाखापत्तनम जिले में आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (APSRTC) की 160 बस सेवाएं भी रद्द कर दी हैं। एहतियात के तौर पर विशाखापत्तनम और कई अन्य जिलों में मंगलवार रात से रात के समय यात्रा पर प्रतिबंध लगाया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-16 पर काथिपुडी से ओंगोल के बीच कई स्थानों पर यातायात पूरी तरह थम गया है।
हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
चक्रवात का असर बढ़ने के साथ प्रशासन ने निचले और संवेदनशील तटीय इलाकों से लोगों को निकालकर राहत एवं पुनर्वास केंद्रों में पहुंचाना शुरू कर दिया है। पश्चिम गोदावरी जिले के चिन्ना लंका, पीएम लंका, ईस्ट थल्लू और वेमुलादेवी गांवों से करीब 3,000 लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। काकीनाडा और डॉ. बी.आर. आंबेडकर कोनासीमा जिलों के कई मंडलों में भी लोगों को निचले इलाकों से हटा दिया गया है।
बुधवार सुबह तक तटीय जिलों में तेज हवाओं, भारी बारिश, समुद्र के बढ़ते जलस्तर और निचले इलाकों में पानी घुसने का खतरा बना हुआ था। प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान जारी रखा, जबकि बिजली विभाग के कर्मचारी प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने में जुटे थे। चक्रवात से सड़कों, बिजली नेटवर्क, मकानों और कृषि क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा है, हालांकि कुल आर्थिक नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।
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