चक्रवात 'अर्नब' का असर, कई उड़ानें रद्द, यात्रियों के लिए नागर विमानन मंत्रालय की एडवाइजरी
चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से कई उड़ानें रद्द हुई हैं। नागर विमानन मंत्रालय ने यात्रियों की सुरक्षा, फ्लाइट अपडेट, री-बुकिंग और रिफंड को लेकर निर्देश जारी किए हैं।

चक्रवात ‘अर्नब’ के चलते कई हवाई सेवाएं प्रभावित हुई हैं और मंत्रालय ने एयरलाइंस को निर्देश जारी किए हैं।
एयर इंडिया ने 6 और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 13 उड़ानें रद्द की हैं।
इंडिगो ने विशाखापट्टनम की सभी उड़ानें निलंबित कर दी हैं।
मंत्रालय ने यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले फ्लाइट स्टेटस जांचने की सलाह दी है।
चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से देश के कई हवाई मार्गों पर उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा और परेशानी को देखते हुए नागर विमानन मंत्रालय ने एयरलाइंस और हवाईअड्डा संचालकों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षा संबंधी नियमों का सख्ती से पालन किया जाए और उड़ान में देरी या रद्द होने की स्थिति में यात्रियों को समय पर जानकारी दी जाए। साथ ही री-बुकिंग और रिफंड से जुड़े नियमों का भी पालन करने को कहा गया है।
स्थिति की समीक्षा और विमानन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने उच्चस्तरीय बैठक की। मंत्रालय के मुताबिक, चक्रवात का सबसे ज्यादा असर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा में पड़ने की आशंका है। भुवनेश्वर से आने-जाने वाली उड़ानों के अलावा तूफान की दिशा के आधार पर हैदराबाद, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में भी हवाई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा और राजमुंदरी में उड़ानें प्रभावित
चक्रवात के प्रभाव के चलते विशाखापट्टनम हवाईअड्डे पर 27 अक्टूबर की दोपहर से उड़ान संचालन रोक दिया गया था। विजयवाड़ा और राजमुंदरी हवाईअड्डों पर भी 27 अक्टूबर शाम 7 बजे के बाद सभी उड़ानें बंद कर दी गईं। इसके अलावा दिल्ली-भोगापुरम-दिल्ली सेवा 28 अक्टूबर के लिए रद्द कर दी गई है।
एयर इंडिया ने दिल्ली-विशाखापट्टनम-दिल्ली मार्ग पर 27 अक्टूबर और दिल्ली-विजयवाड़ा-दिल्ली मार्ग पर 28 अक्टूबर की उड़ानों को मिलाकर कुल छह उड़ानें रद्द की हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी 13 उड़ानें रद्द की हैं। इनमें विशाखापट्टनम से हैदराबाद, बेंगलुरु और विजयवाड़ा के बीच संचालित होने वाली अधिकांश उड़ानें शामिल हैं। वाराणसी-बैंकॉक और बैंकॉक-विशाखापट्टनम सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
इंडिगो ने विशाखापट्टनम के लिए अपनी सभी उड़ानें निलंबित कर दी हैं। विजयवाड़ा और राजमुंदरी में भी 27 अक्टूबर शाम के बाद उड़ान संचालन रोक दिया गया। वहीं, अकासा एयर ने 28 अक्टूबर के लिए दिल्ली-भोगापुरम और वापसी की उड़ानें रद्द की हैं। एलायंस एयर ने अब तक किसी उड़ान के रद्द होने की घोषणा नहीं की है और उसका परिचालन सामान्य बना हुआ है।
यात्रियों को क्या सलाह दी गई, शिकायत के लिए कहां करें संपर्क?
नागर विमानन मंत्रालय ने यात्रियों से अपील की है कि वे हवाईअड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि जरूर कर लें। इसके लिए एयरलाइन की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, हेल्पलाइन या एसएमएस का इस्तेमाल किया जा सकता है। उड़ान की पुष्टि होने के बाद ही एयरपोर्ट के लिए रवाना होने की सलाह दी गई है।
मंत्रालय ने यह भी कहा है कि तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में जलभराव तथा सड़कें बंद होने जैसी समस्याओं के कारण हवाईअड्डे तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग सकता है। एयरलाइंस और एयरपोर्ट संचालकों को वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों, छोटे बच्चों के साथ सफर कर रहे परिवारों और चिकित्सा संबंधी जरूरत वाले यात्रियों को विशेष सहायता देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
चक्रवात के दौरान विमानन सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA), नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS), भारतीय मौसम विभाग (IMD), एयरलाइंस, एयरपोर्ट संचालकों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के बीच समन्वय मजबूत किया गया है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की आपदा प्रबंधन एजेंसियां भी इस समन्वय का हिस्सा हैं।
अगर किसी यात्री की शिकायत का समाधान संबंधित एयरलाइन से नहीं होता है, तो वह एयरसेवा पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए शिकायत दर्ज करा सकता है। मंत्रालय ने उड़ान की स्थिति और एयरलाइन से मिलने वाले अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है, ताकि खराब मौसम के बीच यात्रियों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।
