चक्रवात 'मुरासु' का असर, चेन्नई में भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरें, आंध्र में लैंडफॉल का अनुमान
चक्रवात मुरासु के असर से चेन्नई में हुई भारी से कई इलाकों में जलभराव हो गया है। IMD के मुताबिक, तूफान 3 नवंबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश का तट पार कर सकता है।

चक्रवाती तूफान 'मुरासु' के प्रभाव से चेन्नई में सोमवार सुबह भारी बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित हुआ।
उत्तरी चेन्नई के पैरीज में 24 घंटे के दौरान 149.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि न्यू मनाली टाउन में 141.6 मिमी बरसात हुई।
मौसम विभाग के मुताबिक, 'मुरासु' गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल चुका है और आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है।
तूफान के 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच ओंगोल के पास आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में उठे गंभीर चक्रवाती तूफान 'मुरासु' का असर तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में दिखने लगा है। सोमवार सुबह हुई भारी बारिश ने शहर के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित कर दिया। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई, वहीं नगर निगम की टीमें जलभराव से निपटने के लिए मैदान में उतरी रहीं। इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि चक्रवात आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है और अगले कुछ घंटों में तट पार कर सकता है।
चेन्नई में बारिश का सबसे ज्यादा असर उत्तरी हिस्सों में देखने को मिला। ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार सुबह 6 बजे तक पिछले 24 घंटों में पैरीज में 149.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। न्यू मनाली टाउन में 141.6 मिमी और मनाली में 136.2 मिमी बारिश हुई। शहर के पांच निगरानी केंद्रों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि 28 अन्य स्थानों पर भारी बारिश हुई।
चेन्नई के कई इलाकों में जलभराव, नगर निगम की टीमें अलर्ट
उत्तरी चेन्नई के माधवरम, पुझल, मनाली, एन्नोर, बेसिन ब्रिज और टोंडियारपेट के कुछ हिस्सों में बारिश का व्यापक असर रहा। वहीं कोरात्तुर, अयापक्कम, वलसरवक्कम, अलंदुर, पल्लीकरनई और शोलिंगनल्लुर समेत 25 इलाकों में मध्यम बारिश दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार, दक्षिणी और पश्चिमी चेन्नई में भी बारिश हुई, लेकिन सबसे ज्यादा बरसात उत्तरी हिस्सों में रही।
ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के कमिश्नर जीएस समीरन ने ट्रिप्लिकेन के बेसेंट रोड पर जलभराव का निरीक्षण किया। उन्होंने नगर निगम की ओर से किए जा रहे राहत और जल निकासी कार्यों का जायजा भी लिया। इसके बाद वह रिपन बिल्डिंग स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पहुंचे, जहां से पूरे शहर के हालात पर नजर रखी जा रही थी। नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और फील्ड टीमें जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने और जरूरी सेवाएं बनाए रखने में जुटी रहीं।
गंभीर चक्रवाती तूफान में बदला 'मुरासु', आंध्र तट की ओर बढ़ा
इस बीच समुद्र में भी मौसम का असर तेज हो गया है। सोमवार सुबह चेन्नई के समुद्र तटों पर ऊंची और तेज लहरें उठती दिखाई दीं। IMD के सुबह 5 बजे जारी बुलेटिन के मुताबिक, चक्रवाती तूफान 'मुरासु' गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल चुका है। सोमवार रात 2:30 बजे इसका केंद्र चेन्नई से करीब 260 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व और नेल्लोर से लगभग 290 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित था।
मौसम विभाग के अनुसार, तूफान के 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की संभावना है। इसके लिए नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के आसपास के तटीय क्षेत्र का अनुमान जताया गया है। फिलहाल चेन्नई में नगर निगम की टीमें बारिश और जलभराव से निपटने में जुटी हैं, जबकि आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवात की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए
