बंगाल की खाड़ी में प्रचंड हुआ चक्रवात 'ऑर्नब', 28 अक्टूबर को तट से टकराने की आशंका, 53 ट्रेनें रद्द, रेड अलर्ट
चक्रवात ऑर्नब आंध्र प्रदेश के तट से 28 अक्टूबर को टकरा सकता है। 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। 53 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट।

चक्रवात ‘ऑर्नब’ के 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है।
तूफान के खतरे के बीच 53 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और तटीय इलाकों में रेड अलर्ट जारी है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में राहत-बचाव टीमें तैनात हैं और एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
पश्चिम बंगाल, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान है।
बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘ऑर्नब’ और शक्तिशाली हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के 27 अक्टूबर 2026 की सुबह 2:30 बजे के बुलेटिन के मुताबिक, यह अति प्रचंड चक्रवाती तूफान बन चुका है और आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। तूफान के 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के नजदीक तट से टकराने का अनुमान है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जबकि तेज झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
तूफान की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों के लिए रेड संदेश जारी किया गया है। चक्रवात का असर रेल यातायात पर भी पड़ने लगा है। रेलवे ने 27 और 28 अक्टूबर को कुल 53 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इनमें विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम, राजमुंदरी, मछलीपट्टनम, नरसापुर और काकीनाडा पोर्ट समेत कई प्रमुख स्थानों को जोड़ने वाली ट्रेनें शामिल हैं।
चक्रवात ‘ऑर्नब’ कहां पहुंचा, किन इलाकों पर खतरा?
IMD के मुताबिक, 27 अक्टूबर की सुबह जारी स्थिति रिपोर्ट में तूफान पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 15.9 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 85.4 डिग्री पूर्वी देशांतर के पास बताया गया। उस समय यह विशाखापत्तनम से करीब 300 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और काकीनाडा से 360 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में था। मौसम विभाग ने इसके 27 अक्टूबर की शाम तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और इसके बाद उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ने का अनुमान जताया है।
तट से टकराने के दौरान तूफान के अति प्रचंड श्रेणी में बने रहने की आशंका है। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण तटीय इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है। समुद्र में मौजूद मछुआरों को तट पर लौटने की सलाह दी गई है। तमिलनाडु और पुडुचेरी के नौ बंदरगाहों पर भी चक्रवात संबंधी चेतावनी संकेत लगाए गए हैं। मछुआरों को 26 से 29 अक्टूबर तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में राहत-बचाव की तैयारी तेज
चक्रवात के संभावित असर से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) की बैठक हुई, जिसमें राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की गई। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। सेना, नौसेना, वायुसेना और भारतीय तटरक्षक बल को भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। तटीय गांवों में रहने वाले लोगों को नियमित चेतावनी देने और मछली पकड़ने वाली नावों को सुरक्षित वापस बुलाने के लिए कहा गया है। जिन गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी की तारीख नजदीक है, उन्हें पहले ही अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। राज्य में एनडीआरएफ की 10 टीमें तैनात हैं और देशभर से 16 अतिरिक्त टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका के मद्देनजर आंध्र प्रदेश के ऊर्जा विभाग ने 25 हजार बिजली के खंभों और अन्य जरूरी सामग्री की व्यवस्था की है। वहीं, ओडिशा सरकार ने गंजाम, गजपति, रायगड़ा, मलकानगिरी, कोरापुट और नबरंगपुर समेत छह दक्षिणी जिलों को संवेदनशील माना है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने तैयारियों की निगरानी के लिए आठ मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इन जिलों में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगाया गया है और पहाड़ी इलाकों, झरनों तथा बांधों पर पर्यटकों की आवाजाही रोकने के कदम उठाए गए हैं।
53 ट्रेनें रद्द, बंगाल से बिहार तक बारिश का अनुमान
चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए रेलवे ने 27 और 28 अक्टूबर को 53 ट्रेनें रद्द की हैं। कुछ ट्रेनें दोनों दिन नहीं चलेंगी, जबकि कुछ सेवाएं केवल एक दिन के लिए रद्द की गई हैं।
राजमुंदरी-विजयवाड़ा के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 67261 और विजयवाड़ा-मछलीपट्टनम की ट्रेन संख्या 67263 व 67265 दोनों दिन रद्द रहेंगी। काकीनाडा पोर्ट और विशाखापत्तनम के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 17267 और 17268 का संचालन भी 27 और 28 अक्टूबर को बंद रहेगा। इसके अलावा मछलीपट्टनम, गुडीवाड़ा, नरसापुर, भीमावरम और विजयवाड़ा से जुड़ी कई अन्य सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। रेलवे ने यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने चक्रवात के असर से पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत कई इलाकों में बारिश की आशंका जताई है। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना, पूर्वी और पश्चिमी मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, बांकुड़ा और पुरुलिया में 28 से 30 अक्टूबर के बीच भारी बारिश हो सकती है। उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी में 29 और 30 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान है। दार्जिलिंग में भूस्खलन की आशंका भी जताई गई है।
इसके अलावा तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण तटीय रेलवे ने संवेदनशील पुलों, पटरियों, यार्ड और सिग्नलिंग सिस्टम की निगरानी बढ़ा दी है। रेलवे के जोनल और मंडल मुख्यालयों में 24 घंटे काम करने वाले वॉर रूम बनाए गए हैं, ताकि तूफान से रेल परिचालन प्रभावित होने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
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