तिहाड़ में छोटा राजन की जान को खतरा, खाने में ज़हर दे सकती है डी-कंपनी, बढ़ाई गई सुरक्षा

दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन की सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। जेल प्रशासन ने यह कदम उन इनपुट के बाद किया है जिनके मुताबिक डी-कंपनी और पाक आतंकी गुट छोटा राजन को जहर दे सकते हैं।

फोटो : सोशल मीडिया
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आईएएनएस

कभी अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी और भारत के मोस्ट वांटेड दाऊद इब्राहीम का दायां हाथ रहे छोटा राजन की जान को खतरा बढ़ गया है। छोटा राजन इन दिनों दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। 59 वर्षीय राजन को तिहाड़ की जेल नंबर-2 के हाई सिक्यूरिटी वॉर्ड में रखा गया है। इस वार्ड में छोटा राजन को एक किचन भी दिया गया है, जिसमें उसके लिए खाना बनाया जाता है और जेल के डॉक्टर द्वारा जांच के बाद ही यह खाना उसे परोसा जाता है। जेल प्रशासन ने इस किचन के लिए अलग से दो रसोइयों को तैनात किया है।

तिहाड़ में छोटा राजन की जान को खतरा, खाने में ज़हर दे सकती है डी-कंपनी, बढ़ाई गई सुरक्षा

तिहाड़ के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक दाऊद के कट्टर दुश्मन बन चुके छोटा राजन को जेल मैन्युअल के मुताबिक ही खाना दिया जाता है, जिसमें एक कटोरी सब्जी, दाल और चपाती होती है। सूत्रों का कहना है कि, “खाने को डॉक्टर चेक करते हैं। लंच बनने के बाद सबसे पहले यह खाना रसोइए को खिलाया जाता है, इसके 5-10 मिनट बाद ही छोटा राजन को यह खाना परोसा जाता है।”

सुरक्षा का आलम यह है कि छोटा राजन को दी जाने वाली चाय, स्नैक्स और पानी तक की डॉक्टर जांच करते हैं।

बताया जाता है कि जेल नंबर-2 के अधीक्षक के अलावा केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और दूसरे उच्च अधिकारी भी छोटा राजन की जेल में गतिविधियों पर नजर रखते हैं। फिलहाल राजन को जेल नंबर-2 के एक अलग वार्ड में रखा गया है। इसी वार्ड में बिहार के माफिया डॉन और पूर्व सांसद शहाबुद्दीन और दिल्ली के कुख्यात गैंगस्टर नीरज बवाना को भी रखा गया है।

अधीक्षक के अलावा जेल नंबर-2 के लिए 4 से 5 सहायक अधीक्षक भी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा बीते करीब तीन दशक से तिहाड़ जेल की सुरक्षा में तैनात तमिलनाडु स्पेशल पुलिस की टीम भी जेल नंबर-2 की चौकसी करती है।

सुरक्षा के मद्देनज़र छोटा राजन को वार्ड से बाहर जाने की इजाज़त नहीं है। सूत्रों का कहना है कि, “सिर्फ दिन के समय छोटा राजन को उसकी बैरक के सामने बने बरामदे में टहलने की इजाजत है।”

छोटा राजन पर कई शहरों में केस दर्ज हैं, इसलिए उसके लिए इसी वार्ड में स्पेशल वीडियो कांफ्रेंस रूम बनाया गया है, ताकि उसे जेल से बाहर न ले जाना पड़े।

दिल्ली के पुलिस महानिदेशक (कारागार) प्रदीप गोयल ने छोटा राजन को डी-कंपनी से खतरे के बार में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ इतना बता सकता हूं कि छोटा राजन तिहाड़ जेल में है और उसकी सुरक्षा की चौबीसों घंटे चौकसी होती है।”

लेकिन, सूत्रों का कहना है कि खुफिया रिपोर्टों से पता चला है कि छोटा राजन को डी-कंपनी से खतरा है और वह जेल में ही छोटा राजन के खाने में जहर देने की साजिश रच रही है। छोटा राजन के गैंग के बहुत से सदस्य दुनिया कई देशों में है। खासतौर से मिडिल ईस्ट और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में छोटा राजन गैंग के सदस्य डी-कंपनी के ऑपरेशन पर नजर रखते हैं।

कभी दाऊद का बेहद करीबी रहा छोटा राजन कम्बोडिया के नजदीक किसी अज्ञात जगह से अपना गैंग चलाता था, लेकिन 2015 में उसे इंडोनेशिया में गिरफ्तार किया गया। उसकी गिरफ्तारी ऑस्ट्रेलिया पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर की गई थी। गिरफ्तारी के बाद उसे भारत लाया गया जहां उस पर दर्जनों मामलों के मुकदमे चल रहे हैं। छोटा राजन पर मुंबई के क्राइम रिपोर्टर जे डे की हत्या का भी आरोप है।

जानकारी के मुताबिक छोटा राजन दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट सट्टेबाज़ी का रैकेट चलाता था। इसके अलावा तस्करी और हवाला के कारोबार में उसका दखल था। 1993 में मुंबई में हुए सीरियल बम धमाकों के बाद छोटा राजन के रिश्ते दाऊद इब्राहीम से खराब हो गए थे। इसके बाद ही दोनों बीच खूनी गैंगवार शुरु हो गई थी। इस गैंगवार में दोनों तरफ से कम से कम 50 लोग मारे जा चुके हैं। एक बार छोटा राजन पर भी जानलेवा हमला हो चुका है।

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