यूपी के प्रयागराज में भयंकर बाढ़ का खतरा, गंगा-यमुना खतरे के निशान के पार, प्रभावितों को निकालने का काम शुरू

प्रयागराज के कई इलाकों के बाढ़ से प्रभावित होने के बाद प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर लगाए हैं। सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही बाढ़ के स्तर पर नजर रखे हुए हैं।

फोटोः IANS
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नवजीवन डेस्क

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज पर भयंकार बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। संगम नगरी में सोमवार को गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया, जिसके बाद जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों के परिवारों को निकालने का काम शुरू कर दिया है।

प्रयागराज के फाफामऊ में गंगा का जलस्तर सोमवार सुबह 85.08 मीटर था, जबकि छतनाग में यह 84.29 मीटर था। वहीं नैनी में यमुना का जल स्तर 84.90 मीटर दर्ज किया गया। बढ़ते पानी के कारण, नदियों के तीनों बिंदुओं (जैसा कि सुबह 10 बजे दर्ज किया गया) का स्तर फाफामऊ में 85.13 मीटर और छतनाग में 84.36 मीटर तक बढ़ गया। यमुना का जलस्तर 84.96 मीटर रिकॉर्ड किया गया।


अधिकारियों ने बताया कि फाफामऊ में 5 सेंटीमीटर, छतनाग में 7 सेंटीमीटर और नैनी (यमुना) में 6 सेंटीमीटर की दर से जलस्तर बढ़ रहा है। जल स्तर में वृद्धि के साथ, गंगा नगर, नेवादा, अशोक नगर, बेली गांव, राजापुर के कुछ हिस्सों, सलोरी, बड़ा और छोटा बघारा, बद्र और सनौती, दारागंज, नागवासुकी और अन्य कुछ इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बलुआघाट में यमुना किनारे बारादरी में बाढ़ का पानी पहुंच गया है।

प्रयागराज के कई इलाकों के बाढ़ से प्रभावित होने के बाद प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए राहत शिविर लगाए हैं। इस बीच, राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही बाढ़ के स्तर पर कड़ी निगरानी रखने में मदद कर रही हैं।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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