दिल्ली में DDA का बड़ा एक्शन, यमुना बाजार में तोड़फोड़ शुरू, 35 साल पुराने घर भी निशाने पर

यमुना बाजार क्षेत्र में हाई कोर्ट के आदेश के बाद डीडीए की तोड़फोड़ कार्रवाई शुरू हो गई है। इस अभियान के तहत 310 मकानों को हटाया जाना है, जिससे इलाके में रहने वाले हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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दिल्ली के यमुना बाजार इलाके में गुरुवार तड़के दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अनधिकृत निर्माणों और अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। निगम बोध घाट के पास स्थित इस क्षेत्र में करीब 310 मकानों को हटाने की तैयारी की गई है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई इस कार्रवाई से इलाके में रहने वाले हजारों लोगों के बीच चिंता और बेचैनी का माहौल है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

सुबह 4 बजे शुरू हुई कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 4 बजे छह बुल्डोजर और दस बसें मौके पर पहुंचीं, जिसके बाद तोड़फोड़ अभियान शुरू हुआ। प्रशासन की मौजूदगी में यमुना बाजार इलाके के मकानों और अन्य निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इलाके में अचानक शुरू हुई कार्रवाई से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब यमुना नदी के किनारे बसे कई इलाकों को अवैध निर्माण की श्रेणी में रखा गया है और अदालत के निर्देशों के तहत इन्हें हटाने की प्रक्रिया चल रही है।


अपने ही घर तोड़ने को मजबूर हुए लोग

यमुना बाजार में पिछले 35 वर्षों से रह रहे राजेश अपने मकान के हिस्सों को खुद तोड़ते नजर आए। उनका कहना है कि घर बनाने के दौरान हर ईंट पर रिश्वत ली गई, बिजली के मीटर लगाए गए, सीसीटीवी लगाए गए, मतदाता पहचान पत्र बनाए गए और चुनावों में वोट भी लिए गए। लेकिन अब वही मकान अवैध घोषित कर दिए गए हैं। कार्रवाई रुकती नहीं दिखी तो उन्होंने घर से लोहे के दरवाजे और अन्य सामान निकालना शुरू कर दिया।

इसी इलाके में रहने वाली कविता भी अपने घर को लेकर भावुक नजर आईं। उन्होंने बताया कि शादी के बाद वह इसी घर में आई थीं और अब उसी चौखट को अपने हाथों से हटाना पड़ रहा है। कार्रवाई के बीच कई परिवार खुले आसमान के नीचे आने की स्थिति में पहुंच गए हैं।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी कार्रवाई

यमुना किनारे स्थित 94 कॉलोनियों को अवैध घोषित किया गया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि यमुना नदी की बायोडायवर्सिटी के लिए रिवर बेड पर बने मकान खतरा हैं, इसलिए ऐसे निर्माणों को हटाया जाना चाहिए। इसी आदेश के तहत विभिन्न स्थानों पर तोड़फोड़ अभियान चलाया जा रहा है।

इससे पहले 13 मई को आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत यमुना बाजार खाली करने का नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद 15 मई को DDA ने यमुना डूब क्षेत्र के ओ-जोन में आने वाले इस इलाके को खाली करने का निर्देश दिया। फिर 2 जून को उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार 23 जून तक क्षेत्र खाली करने का नोटिस भेजा गया, जिसमें 24 जून से कार्रवाई शुरू करने की बात कही गई थी। अब उसी क्रम में यमुना बाजार में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।  

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