दिल्ली हिंसा में मारे गए अज्ञात लोगों के शवों का अब होगा अंतिम संस्कार, हाई कोर्ट ने दी इजाजत

दिल्ली हाई कोर्ट नेदिल्ली में हुई हिंसा में मारे गए लोगों के अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार करने की इजाजत दे दी है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्हीं अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार होगा, जिनके नाम समाचार पत्रों में दो सप्ताह पहले प्रकाशित किए गए थे।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

दिल्ली हिंसा मामले में हाई कोर्ट ने मारे गए लोगों के अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार करने की इजाजत दे दी है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्हीं अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार होगा, जिनके नाम समाचार पत्रों में दो सप्ताह पहले प्रकाशित किए गए थे। इससे पहले हाई कोर्ट ने इससे पहले दिल्ली के सरकारी अस्पतालों को 11 मार्च तक अज्ञात शवों का निपटान नहीं करने और मारे गए शवों के पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराने को कहा था। कोर्ट का यह आदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हिंसा के लगभग तीन हफ्ते भी कई ऐसे लोग हैं जो अपनों की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं।

कोर्ट ने आगे कहा था कि सरकारी अस्पतालों के शवगृहों में लाए गए अज्ञात शवों के बारे में अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर पूरी जानकारी प्रकाशित करे। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति आई एस मेहता की पीठ ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश जारी किया था। बता दें कि दिल्ली में हाल में हुए दंगों के बाद से लापता अपने एक रिश्तेदार के बारे में जानकारी को लेकर एक व्यक्ति ने यह याचिका दायर की थी।

बता दें कि दिल्ली हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को कहा कि हाल में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के सिलसिले में उसने 600 से अधिक मामले दर्ज किए हैं। पुलिस ने अपना बयान जारी कर कहा कि 654 दर्ज मामलों में से 47 शस्त्र कानून से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने कहा कि कुल 1820 लोगों को सांप्रदायिक दंगों के मामले में या तो हिरासत में लिया गया है या गिरफ्तार किया गया है। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा में 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

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