पुणे में भारी बारिश से मरने वालों की संख्या पहुंची 13, हजारों लोगों को पहुंचाया गया सुरक्षित, अलर्ट जारी

महाराष्ट्र के पुणे और जलगांव में भारी बारिश के चलते अब तक 13 लोगों की मौत हो गई। पुणे में बुधवार को जिले में भारी बारिश के बाद जल-जमाव वाले कई इलाकों से लगभग हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

पुणे, नासिक और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश अब तक 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग लापता हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी गुरुवार को दी। राज्य और जिला आपदा नियंत्रण के अनुसार, शिवपुर में बाढ़ के पानी में कम से कम 5 व्यक्ति बह गए थे, जिनमें से कुछ का शव आज सुबह एक कुएं से बरामद किया गया है। अर्निश्वर कॉम्प्लेक्स में एक दीवार के ढहने से उसकी चपेट में आने से छह से अधिक लोगों की मौत हो गई। दो लोगों के शव वहां से निकाले जा चुके हैं, जबकि बाकी शवों को निकालने का काम जारी है।

पुलिस ने बताया कि नासिक के बाहरी इलाके में स्थित एक बाढ़ग्रस्त गांव में बिजली की चपेट में आने से एक ऑटो चालक की मौत हो गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने बताया कि बारामती और पुणे में एनडीआरएफ की दो-दो टीमें तैनात की गई हैं, वहीं पांचवीं टीम बारामती के लिए निकल चुकी है। बाढ़ पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने कहा कि पुणे में आई बाढ़ के कारण वहां की स्थिति दयनीय है, कई लोग हताहत हुए हैं। थोराट ने कहा, “मैंने राज्य सरकार से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों के लिए जल्द से जल्द मदद उपलब्ध कराने की अपील की है।”

बीती रात से पुणे शहर और जिले में 16 सेंटीमीटर से अधिक बारिश हुई है। वहीं आगामी 24 घंटों में इससे भी अधिक बारिश होने का अनुमान है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में हो रही बारिश ने पिछले दस सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, बहुत ही कम समय में कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। शहर और बाहरी इलाकों में बाढ़ में लगभग 200 बड़े व छोटे वाहन बह गए हैं।

वहीं स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान करीब 150 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं और करीब 100 परिवार बेघर हो गए हैं। कई क्षेत्रों में बाढ़ के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए, पुणे के कलेक्टर नवल किशोर राम ने पुणे शहर और पड़ोसी क्षेत्रों पुरंदर, बारामती, भोर और हवेली में गुरुवार के लिए एहतियातन अवकाश की घोषणा की है।


वहीं, भारी बारिश से विभिन्न बड़ी और छोटी नदियों, बांधों और जलाशयों के जलस्तर में वृद्धि होने से पानी की निकासी की जा रही है। इसे देखते हुए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और अन्य एजेंसियों की टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने में लगी हुई हैं।

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