दिल्ली: तुर्कमान गेट इलाके में आधी रात बुलडोजर एक्शन पर बवाल, भीड़ ने किया पथराव, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
कार्रवाई के दौरान हालात उस समय बिगड़ गए जब भीड़ ने पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को हालात काबू में लाने के लिए आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।

राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में 6 और 7 जनवरी की दरम्यानी रात उस वक्त हालात तनावपूर्ण हो गए, जब फैज-ए-इलाही दरगाह के पास कथित अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम (MCD) की बुलडोजर कार्रवाई शुरू हुई। देर रात शुरू हुई इस कार्रवाई ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया और पुलिस और भीड़ आमने-सामने आ गई।
दरगाह के बाहर चला बुलडोजर, कई ढांचे ध्वस्त
एमसीडी की टीम ने कार्रवाई के दौरान बारात घर और एक डायग्नोस्टिक सेंटर समेत कई ढांचों को गिराया। इलाके की संवेदनशीलता को देखते हुए पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात था, लेकिन जैसे ही बुलडोजर आगे बढ़े, वहां मौजूद भीड़ ने विरोध शुरू कर दिया।
भीड़ हुई हमलावर, पुलिस पर पथराव
कार्रवाई के दौरान हालात उस समय बिगड़ गए जब भीड़ ने पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को हालात काबू में लाने के लिए आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।
बताया जा रहा है कि राजधानी में पहली बार इस स्तर पर 4 से 5 दर्जन आंसू गैस के गोले छोड़े गए। देर रात फैज-ए-इलाही मस्जिद और आसपास की गलियों में हालात बेहद तनावपूर्ण नजर आए।
तंग गलियों में घुसी पुलिस, देर रात तक चला ऑपरेशन
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए दिल्ली पुलिस तुर्कमान गेट की संकरी गलियों में घुसी और भीड़ को काबू करने की कोशिश की गई। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पाया।
क्या बोले डीसीपी?
दिल्ली के डीसीपी एन वॉल्सन ने बताया कि प्रशासन की ओर से पुलिस को पहले ही सूचित कर दिया गया था कि 6-7 जनवरी की रात अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी। इसी के तहत एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हालात संभाल लिए। फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य है।
पुलिस भी हुई हैरान
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों का कहना है कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि भीड़ इस तरह हमलावर हो जाएगी। अचानक शुरू हुई पत्थरबाजी से पुलिसकर्मी भी चौंक गए, लेकिन हालात को बिगड़ने नहीं दिया गया।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की पृष्ठभूमि
इस पूरी कार्रवाई की जड़ में एक एनजीओ की शिकायत है, जिसमें रामलीला मैदान की जमीन पर अतिक्रमण होने की बात कही गई थी। शिकायत मिलने के बाद 16 अक्टूबर 2025 को L&DO, DDA और MCD ने संयुक्त सर्वे किया।
सर्वे में सामने आया कि 2512 स्क्वायर फीट PWD की जमीन और फुटपाथ पर अवैध कब्जा किया गया था।
इसके बाद एक फाउंडेशन ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। हाई कोर्ट ने 12 नवंबर 2025 को एमसीडी को निर्देश दिया कि तीन महीने के भीतर अवैध अतिक्रमण हटाया जाए और सभी पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया जाए।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई
कोर्ट के निर्देशों के तहत ही 6-7 जनवरी की रात यह बुलडोजर कार्रवाई की गई। हालांकि, इस कार्रवाई को रोकने और बाधित करने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए, जिससे हालात बिगड़ गए।
फिलहाल इलाके में है शांति
पुलिस का दावा है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और इलाके में शांति बनी हुई है। हालांकि, देर रात हुए इस घटनाक्रम ने एक बार फिर राजधानी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाइयों और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।