दिल्ली: रक्षा मंत्रालय में तैनात 3 महीने की गर्भवती महिला अफसर ने की खुदकुशी! जानें क्या है पूरा मामला

दिल्ली में रक्षा मंत्रालय में तैनात तीन महीने की गर्भवती महिला अफसर की कथित खुदकुशी का मामला सामने आया है। परिवार ने पति और ससुराल पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
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दिल्ली के द्वारका इलाके में 3 महीने की गर्भवती 30 वर्षीय महिला ने कथित आत्महत्या कर ली है। मृतका नाजिया खानम रक्षा मंत्रालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत थी। उसके मायके वालों ने पति और ससुराल के अन्य सदस्यों पर लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। परिवार ने यह आशंका भी जताई है कि नाजिया की हत्या की गई और बाद में घटना को आत्महत्या का रूप दिया गया। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

11 अप्रैल को हुई थी शादी, पिता ने लगाए गंभीर आरोप

एफआईआर के मुताबिक, नाजिया खानम की शादी 11 अप्रैल 2026 को अजम अली खान से हुई थी। उसके पिता तवाब खान के बयान पर दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि शादी के बाद से ही नाजिया को उसके पति अजम अली खान, सास समीम निशा, ससुर बाबर अली खान और ससुराल के अन्य सदस्यों की ओर से कथित तौर पर परेशान किया जा रहा था।

परिजनों का आरोप है कि नाजिया के साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी। उसे घर से निकालने और जान से मारने की धमकियां भी दी जाती थीं। पिता के मुताबिक, नाजिया तीन महीने की गर्भवती थी और वह फोन के जरिए लगातार मायके वालों को ससुराल में हो रही कथित परेशानी के बारे में जानकारी देती थी। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद उसके पति के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया।


21 अगस्त की सुबह मिली मौत की सूचना

पुलिस के मुताबिक, 21 अगस्त को सुबह करीब चार बजे नाजिया के मायके वालों को फोन करके बताया गया कि उनकी बेटी की मौत हो गई है। सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने नाजिया की मौत को लेकर संदेह जताया और आरोप लगाया कि ससुराल वालों ने उसकी हत्या की हो सकती है तथा बाद में इसे आत्महत्या का रूप दिया गया।

पुलिस के अनुसार, सब-इंस्पेक्टर सतपाल डागर द्वारका स्थित नाजिया के घर पहुंचे। पूछताछ में उसके पति ने बताया कि पत्नी के साथ विवाद के बाद नाजिया ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था। बाद में उसने नाजिया को खिड़की से लटका हुआ पाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए द्वारका से क्राइम टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां की तस्वीरें लीं। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए डीडीयू अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया गया।

पुलिस ने BNS की इन धाराओं में दर्ज किया केस

पुलिस के मुताबिक, 21 अगस्त को बयानों की प्रक्रिया में समय लगने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका। इसके बाद नाजिया के पिता और भाई ने बिजवासन के कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान दर्ज कराए। कार्यकारी मजिस्ट्रेट के माध्यम से भेजे गए एक अलग बयान में नाजिया के पिता तवाब खान ने अपने दामाद बाबर अजम खान को बेटी की मौत के लिए जिम्मेदार बताया और उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85 और 108 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच में नाजिया की मौत के पीछे की परिस्थितियों के साथ-साथ मायके वालों की ओर से लगाए गए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के आरोपों को भी देखा जा रहा है। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, परिजनों और अन्य लोगों के बयान तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

परिजनों का कहना है कि लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के कारण नाजिया ने यह कदम उठाया हो सकता है। वहीं, परिवार ने हत्या की आशंका भी जताई है। परिजनों ने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ पोस्टमार्टम और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों एवं कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराने की मांग की है।

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