दिल्ली सरकार के 12 कॉलेजों में 4 महीने से नहीं मिली सैलरी, हजारों शिक्षकों-कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट

दिल्ली सरकार द्वारा वित्तपोषित राजधानी के 12 कॉलेजों में बीते 4 महीने से वेतन नहीं दिया गया है। कारण है कि सरकार ने इन कॉलेजों को ग्रांट रिलीज नहीं किया है। इसके चलते इन कॉलेजों में काम करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

फोटो : सोशल मीडिया
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आईएएनएस

दिल्ली सरकार के पूर्ण वित्त पोषित 12 कॉलेजों की ग्रांट रिलीज नहीं की गई है। इसके कारण इन कॉलेजों में काम करने वाले हजारों अतिथि शिक्षकों, एडहॉक शिक्षकों और कंट्रक्चुअल व अन्य कर्मचारियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली सरकार के पूर्ण वित्त पोषित इन 12 कॉलेजों में पिछले चार महीने से कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिली है। दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन (डीटीए) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से दिल्ली सरकार से सम्बद्ध 12 पूर्ण वित्त पोषित कॉलेजों की ग्रांट तुरंत रिलीज करने की मांग की है।

डीटीए के मुताबिक, "पिछले तीन-चार महीने से सैलरी न मिलने से स्थायी, तदर्थ, अतिथि शिक्षकों व संविदा पर काम कर रहे कर्मचारी भयावह आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रांट रिलीज कराने की मांग को लेकर डीटीए पिछले दो सप्ताह से उच्च शिक्षा विभाग व संबंधित अधिकारियों से मिल रहा है। शिक्षकों द्वारा अपने-अपने कॉलेजों में धरना प्रदर्शन भी किया जा रहा है, लेकिन अभी तक उन्हें सैलरी नहीं मिली है।"

दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन ( डीटीए ) के प्रभारी व एकेडमिक काउंसिल के पूर्व सदस्य प्रोफेसर हंसराज 'सुमन' ने बताया है कि, "दिल्ली सरकार के पूर्ण वित्त पोषित 12 कॉलेजों के हजारों शैक्षिक और गैर-शिक्षण कर्मचारियों और उनके परिवारों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है, एक तरफ कोविड 19 महामारी और दूसरी तरफ उन्हें दिसम्बर महीने से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है।"

उन्होंने बताया है कि, "इनमें बहुत से अतिथि, एडहॉक और कंट्रक्च ुअल कर्मचारियों को हर महीने मकान का किराया, ईएमआई ,मकान की किस्त, गाड़ी की किस्त ,बच्चों की फीस आदि भरनी पड़ती है। दिल्ली सरकार द्वारा ग्रांट रिलीज न करने के मुद्दे पर शिक्षक सांसद सुशील गुप्ता , कैबिनेट मंत्री गोपाल राय से लेकर कॉलेज चेयरपर्सन से मिल चुके हैं। मगर अभी तक इस संदर्भ में कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला।"


डीटीए उपाध्यक्ष प्रोफेसर नरेंद्र कुमार पाण्डेय व सचिव डॉ. मनोज कुमार सिंह ने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों से भी मुलाकात की है। प्रोफेसर नरेंद्र कुमार ने कहा कि 12 कॉलेजों की ग्रांट रिलीज न होने से इससे न केवल वेतन भुगतान प्रभावित हुआ है, बल्कि चिकित्सा बिल, सेवानिवृत्ति लाभ और अन्य विकास व्यय भी लंबित हैं। उनका कहना है कि अगले सप्ताह से डीयू में परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। उसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय का नया शैक्षिक सत्र 2021 -22 शुरू हो जाएगा, जिसमें छात्रों के प्रवेश, ओबीसी कोटे के अंतर्गत सेकेंड ट्रांच की शिक्षकों की नियुक्तियां, गैर शैक्षिक कर्मचारियों की नियुक्ति के अलावा परीक्षा और उसका मूल्यांकन आदि में ग्रांट की आवश्यकता पड़ेगी।

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