दिल्ली हिंसा के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका, पीठ ने किया मंजूर, कल होगी सुनवाई

सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर हिंसा भड़काने की स्वतंत्र न्यायिक जांच, मृतकों को मुआवजा और राजनीतिक नेताओं की गिरफ्तारी की मांग की है। याचिका को मंजूर करते हुए हाईकोर्ट की एक पीठ ने सुनवाई के लिए बुधवार का दिन तय किया है।

फोटोः ऐशलीन मैथ्यू
फोटोः ऐशलीन मैथ्यू
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नवजीवन डेस्क

राजधानी दिल्ली के उत्तर पूर्वी जिले में भड़की हिंसा के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया है। अब इस याचिका पर कल बुधवार को सुनवाई होगी। सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर की ओर से दायर हिंसा भड़काने की स्वतंत्र न्यायिक जांच, मृतकों को मुआवजा और राजनीतिक नेताओं की गिरफ्तारी की मांग वाली इस याचिका पर जस्टिस अनूप जयराम भंभानी और जी एस सिस्तानी की पीठ ने सुनवाई पर सहमति जताते हुए मामले को बुधवार के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।

बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी के उत्तर-पूर्वी जिले के कई इलाकों में सोमवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के समर्थकों और विरोधी समूहों के बीच हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है और अभी भी जाफराबाद, मौजपुर और गोकुलपुरी सहित कई इलाकों में तनाव बना हुआ है। मंगलवार को गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बावजूद अभी भी इलाके में हिंसा जारी है।

याचिका दाखिल करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर ने दावा किया कि केंद्र की सत्ताधारी पार्टी से जुड़े संगठन के सदस्यों और दिल्ली पुलिस के हाथों 10 लोग मारे गए हैं। याचिका में मंदर ने बीजेपी नेता कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की है। याचिका में दावा किया गया कि इन तीनों प्रमुख नेताओं द्वारा भड़काऊ भाषण दिए गए, जिसके बाद हमलावरों ने सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे निहत्थे लोगों पर क्रूरता से हमले किए।

याचिका में मंदर ने अदालत से राष्ट्रीय राजधानी के बाहर के अधिकारियों की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का अनुरोध किया है। याचिका में प्रभावित क्षेत्रों में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना को तैनात करने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है। इसके साथ ही याचिका में एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कथित सांप्रदायिक हमलों की जांच और हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देने का अनुरोध भी किया है।

(आईएएएस के इनपुट के साथ)

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