कोरोना दौर में भी सुबह-शाम चलती है दिल्ली मेट्रो, लेकिन बिना यात्रियों के लगाती है फेरे

कोरोना संक्रमण का संकट शुरु होने के बाद से ही दिल्ली मेट्रो सेवाएं बंद हैं और इस दौरान सभी मेट्रो ट्रेनें डिपो में खड़ी हैं। लेकिन इनमें कोई खराबी न हो, इसके लिए सभी 12 डिपो में इनका रखरखाव हो रहा है। इतना ही नहीं हर रोज सुबह-शाम बिना यात्रियों के ही ट्रेनें फेरे भी लगाती हैं।

Photo by Vipin Kumar/Hindustan Times via Getty Images
Photo by Vipin Kumar/Hindustan Times via Getty Images
user

आईएएनएस

कोरोना संक्रमण के चलते पिछले करीब चार महीने से दिल्ली मेट्रो बंद है। लेकिन संक्रमण के बीच दिल्ली मेट्रो के सभी कार्यालय, साइट और डिपो नियमित रूप से काम कर रहे हैं। दिल्ली मेट्रो का कुल नेटवर्क 389 किलोमीटर का है, जिस पर कुल 285 मेट्रो स्टेशन पड़ते हैं। वहीं 300 से अधिक मेट्रो ट्रेनें भी संचालित होती हैं। मेट्रो ट्रेनों का संचालन यात्रियों के लिए पिछले चार महीने से बंद है और फिलहाल मेट्रो के सभी 12 डिपो में ट्रेनें खड़ी हैं। लेकिन दिल्ली मेट्रो में सभी चीजों का रखरखाव जारी है। यहां तक कि ऑपरेशन में दिक्कत नहीं आए, इसलिए बिन यात्रियों के रोजाना ट्रेनें दिन में एक बार चक्कर लगा रही हैं।

Photo by Mayank Makhija/NurPhoto via Getty Images
Photo by Mayank Makhija/NurPhoto via Getty Images

डीएमआरसी के कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल ने बताया, कोविड महामारी के दौरान मेट्रो ट्रेनें यात्री सेवाओं के लिए उपलब्ध नहीं हैं, मगर दिल्ली मेट्रो के सभी कार्यालय, साइट, डिपो इत्यादि नियमित रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया, मेट्रो के सभी 12 डिपो में पूरी क्षमता से कर्मचारी सेवारत हैं और ट्रेनों का रखरखाव पूर्ववत चल रहा है। हर लाइन पर सुबह और शाम तकनीकी आवश्यकतानुसार ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जिससे पूरे सेक्शन का निरीक्षण सुनिश्चित हो सके।

फोटो : आईएएनएस
फोटो : आईएएनएस

अभी तक सरकार द्वारा दिल्ली मेट्रो को शुरू करने की इजाजत नहीं दी गई है और इस वजह से मेट्रो सेवाएं अभी तक बंद हैं। गौरतलब है कि कई राज्यों में अधिकतर चीजों को वापस खोल दिया गया है। ऐसे में ऑफिस भी शुरू हो गए हैं और लोग खुद को सुरक्षित रखते हुए घरों से बाहर निकलकर अपने कामों को करने लौट भी रहे हैं। लेकिन दिल्ली में मेट्रो न चलने से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। लॉकडाउन से पहले मेट्रो में रोजाना 28 लाख से अधिक लोग सफर करते थे।

लोकप्रिय
next