दिल्ली की हवा हुई और जहरीली, कई इलाकों में AQI 400 पार, आगे भी राहत की उम्मीद नहीं

दिल्ली-NCR में आज औसत AQI 389 दर्ज किया गया है। रोहिणी में 473 और पंजाबी बाग में 464 तक प्रदूषण का स्तर पहुंच गया है। वहीं, नोएडा और गुरुग्राम में भी हवा बेहद खराब है।

फोटो: विपिन
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  • दिल्ली में आज सुबह औसत AQI 389 दर्ज किया गया, जबकि कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर 400 के पार पहुंच गया।

  • रोहिणी में AQI 473 और पंजाबी बाग में 464 दर्ज हुआ, जो गंभीर श्रेणी में आता है।

  • नोएडा में AQI 313 और गुरुग्राम में भी हवा बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है।

  • सर्दी बढ़ने के साथ प्रदूषण और बढ़ने की आशंका है।

दिल्ली-NCR में प्रदूषण से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। राजधानी की हवा में घुला जहर अब कई इलाकों में गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। शुक्रवार, 6 नवंबर की सुबह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 389 दर्ज किया गया। यह बेहद खराब श्रेणी में आता है। वहीं, राजधानी के कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

सुबह से ही दिल्ली के कई हिस्सों में धुंध और स्मॉग की मोटी चादर देखने को मिली। CPCB के सुबह 7 बजे के आंकड़ों के अनुसार, नोएडा में AQI 313 दर्ज किया गया, जबकि गुरुग्राम में भी हवा बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है। इन आंकड़ों से साफ है कि दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के दूसरे शहरों में भी प्रदूषण से राहत नहीं मिली है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सर्दी बढ़ने के साथ प्रदूषण की समस्या और गंभीर हो सकती है। ऐसे में दिल्ली-NCR के लोगों को फिलहाल साफ हवा के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।

दिल्ली के इन इलाकों में AQI 400 के पार

राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर बेहद चिंताजनक बना हुआ है। सुबह 6 बजे के आंकड़ों के मुताबिक, रोहिणी में AQI 473 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में है। पंजाबी बाग में 464 और आरके पुरम में 441 AQI रहा। इसके अलावा अलीपुर और सोनिया विहार में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 435 तक पहुंच गया।

ओखला फेज-2 में AQI 426, नॉर्थ कैंपस (दिल्ली विश्वविद्यालय) में 424, आईटीओ में 420 और नजफगढ़ में 412 दर्ज किया गया। वहीं, पूसा में AQI 393, चांदनी चौक में 386, आनंद विहार में 350 और लोधी रोड में 306 रहा। इन सभी इलाकों में हवा बेहद खराब या गंभीर श्रेणी में बनी हुई है।


कितना खतरनाक है 400 के पार पहुंचा AQI?

CPCB के मानकों के मुताबिक, AQI 0 से 50 के बीच होने पर हवा अच्छी, 51 से 100 के बीच संतोषजनक और 101 से 200 के बीच मध्यम श्रेणी में मानी जाती है। वहीं, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बेहद खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर श्रेणी होती है।

जब AQI 400 के पार पहुंचता है तो प्रदूषण का असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगता है। इसका खतरा सिर्फ अस्थमा या फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ लोग भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। लगातार सूखी खांसी, गले में खराश, गला सूखना और थोड़ी शारीरिक मेहनत करने पर सांस फूलना इसके कुछ सामान्य लक्षण हैं।

दिल्ली-NCR में रहने वाले लोग इन बातों का रखें ध्यान

प्रदूषण के मौजूदा स्तर को देखते हुए लोगों को सुबह और शाम की सैर से बचने की सलाह दी गई है। बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और बाहर जाते समय अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क पहनें। घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें, ताकि बाहर की प्रदूषित हवा घर के अंदर कम से कम आए।

अगर लगातार खांसी, सीने में जकड़न या सांस फूलने जैसी परेशानी हो रही है तो इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह लें। आने वाले दिनों में सर्दी बढ़ने के साथ प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने की आशंका है, ऐसे में दिल्ली-NCR के लोगों को अपनी सेहत को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

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