दिल्ली-NCR में बदला मौसम का मिजाज, ठंड से राहत की आहट, लेकिन प्रदूषण ने बढ़ाई मुश्किलें
दिल्ली-एनसीआर में फरवरी की शुरुआत के साथ मौसम का मिजाज बदल गया है, ठंड का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है और दिन में धूप तेज हो रही है, वहीं तापमान बढ़ने के साथ ही दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद समेत कई इलाकों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है।

फरवरी की शुरुआत के साथ ही देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम का रुख बदलता नजर आ रहा है। जिस ठंड ने जनवरी भर लोगों को परेशान किया, उसका असर अब धीरे-धीरे कम पड़ रहा है। दिन के समय तेज धूप निकलने लगी है और तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दिल्ली के साथ नोएडा, गाजियाबाद और पूरे एनसीआर में यह बदलाव एक साथ महसूस किया जा रहा है।
ठंड से राहत, धूप ने बढ़ाया गर्मी का एहसास
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, फरवरी के पहले हफ्ते में अधिकतम और न्यूनतम तापमान दोनों में इजाफा हुआ है। 5 फरवरी को दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद 6 और 7 फरवरी को न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग का कहना है कि 8 से 10 फरवरी के बीच अधिकतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यही वजह है कि दिन में धूप के साथ हल्की गर्मी का अहसास होने लगा है, जबकि रात और सुबह के समय हल्की ठंड बनी रह सकती है।
कोहरे से अभी राहत नहीं
हालांकि सर्दी का सितम कम हो रहा है, लेकिन सुबह के समय कोहरा अब भी लोगों को परेशान कर सकता है। IMD के मुताबिक, 5 से 10 फरवरी तक एनसीआर में मौसम शुष्क बना रहेगा और सुबह के समय शैलो फॉग से लेकर मॉडरेट फॉग देखने को मिल सकता है।
इस दौरान हवा में नमी का स्तर 90 से 100 प्रतिशत तक रहने की संभावना है, जो कोहरे की मुख्य वजह बनेगा। फिलहाल मौसम विभाग ने किसी तरह का अलर्ट या चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन सुबह के वक्त वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अल-नीनो का असर
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले महीनों में अल-नीनो का प्रभाव देखने को मिल सकता है। इसका असर यह हो सकता है कि तापमान सामान्य से ज्यादा बढ़े और बारिश औसत से कम रहे। विशेषज्ञों के मुताबिक, फरवरी और मार्च में गर्मी धीरे-धीरे बढ़ेगी और इसका असर हवा की गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है।
हवा और बिगड़ी
तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता की स्थिति चिंता का कारण बनी हुई है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है।
दिल्ली के आनंद विहार में AQI 327, अशोक विहार में 315, बवाना में 307, आर.के. पुरम में 309, रोहिणी में 317, वजीरपुर में 319 और विवेक विहार में 343 दर्ज किया गया। पुसा क्षेत्र में डीपीसीसी स्टेशन पर AQI 332 जबकि आईएमडी स्टेशन पर 219 रिकॉर्ड किया गया।
एनसीआर के अन्य इलाकों की बात करें तो गाजियाबाद के लोनी में AQI 342, वसुंधरा में 329 और इंदिरापुरम में 326 रहा। नोएडा के सेक्टर-125 में AQI 310, सेक्टर-1 में 289 और सेक्टर-116 में 282 दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि अधिकांश इलाके बेहद खराब श्रेणी में बने हुए हैं।
औसत AQI में दिखी थोड़ी राहत
हालांकि हाल के दिनों में दिल्ली की हवा में आंशिक सुधार भी देखा गया है। शहर का 24 घंटे का औसत AQI पहले की बहुत खराब श्रेणी के 339 से घटकर 241 पर आ गया है, जो खराब श्रेणी में आता है।
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के ‘समीर’ ऐप के अनुसार, शाम के समय 25 स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता खराब, दो स्टेशनों पर बहुत खराब और 10 स्टेशनों पर मध्यम श्रेणी में दर्ज की गई।
आगे क्या है चुनौती?
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे तापमान में और बढ़ोतरी होगी, वैसे-वैसे वायु गुणवत्ता के दोबारा बिगड़ने की आशंका भी बनी रहेगी। कम हवा और शुष्क मौसम प्रदूषकों को फैलने का मौका कम देता है, जिससे स्मॉग की स्थिति बन सकती है।
फिलहाल लोगों को सलाह दी जा रही है कि सुबह के समय बाहर निकलते वक्त सावधानी बरतें, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की समस्या से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत है।