दिल्ली में इस दिन से खुलेंगे 9वीं से 12वीं क्लास के लिए स्कूल, जानें किन नियमों का करना होगा पालन

दिल्ली सरकार की तरफ से स्कूल खोलने को गाइडलाइन्स में क्लासेज को 50% क्षमता के साथ चलाने की अनुमति दी गई है। जानते हैं एसओपी से जुड़ी अहम जानकारियां।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

दिल्ली में कम होते कोरोना संक्रमण के नए मामलों के बीच स्कूलों को खोलने का फैसला किया गया है। 1 सितंबर से 9वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूल खोले जाएंगे। साथ ही 8 सितंबर से छठी से 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया जाएगा। बच्चों के स्कूल आने के लिए उनके अभिभावकों की मंजूरी अनिवार्य होगी।

गौरतलब है कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि ‘दिल्ली में सावधानियों के साथ चरणबद्ध तरीके से स्कूल, कॉलेज, कोचिंग गतिविधियों को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। सभी स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं, उनकी कोचिंग कक्षाएं और सभी कॉलेजों / विश्वविद्यालयों को फिर से शुरू करने की अनुमति होगी। इस संबंध में DDMA की ओर से SOP जारी की गई है।

DDMA ने जारी की स्कूल और कॉलेज खोलने के लिए SOP

क्लास रूम की सीटिंग क्षमता के अधिकतम 50 फीसदी तक बच्चे एक बार मे क्लास कर सकेंगे।

हर क्लास में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए अलग-अलग समय का फॉर्मूला होगा।

मॉर्निंग और ईवनिंग शिफ्ट के स्कूलों में दोनों शिफ्टों के बीच कम से कम एक घंटे का गैप जरूरी होगा।

बच्चों को अपना खाना, किताबें और अन्य स्टेशनरी का सामान एक-दूसरे से साझा नहीं करने की सलाह देने को कहा गया है।

लंच ब्रेक को किसी ओपन एरिया में इस अलग-अलग समय पर रखने की सलाह दी गई है ताकि एक समय मे ज़्यादा भीड़ एकत्र न हो

सीटिंग अरेंजमेंट इस तरह से किया जाए कि एक सीट छोड़कर बैठने की व्यवस्था हो।

बच्चों को स्कूल बुलाने के लिए माता-पिता की मंजूरी ज़रूरी है। कोई अभिभावक यदि अपने बच्चे को स्कूल भेजना नहीं चाहता है तो इसके लिए उसे बाध्य नहीं किया जाएगा।

कंटेन्मेंट जोन में रहने वाले टीचर स्टाफ या छात्र को स्कूल आने की इजाज़त नही होगी।

स्कूल परिसर में एक क्वारंटीन रूम बनाना अनिवार्य है, जहां जरूरत पड़ने पर किसी भी बच्चे या स्टाफ को रखा जा सकता है।

यह सुनिश्चित किया जाए कि स्कूल के कॉमन एरिया की साफ-सफाई नियमित तौर पर हो रही है। शौचालयों में साबुन और पानी का इंतजाम है। साथ ही स्कूल परिसर में थर्मल स्कैनर, सैनिटाइजर और मास्क आदि की उपलब्धता है।

एंट्री गेट पर थर्मल स्कैनर अनिवार्य होगी। बच्चों के साथ-साथ स्टाफ के लिए भी मास्क जरूरी होगा। इससे अलग एंट्री गेट पर ही बच्चों के हाथ सैनिटाइज कराए जाएंगे।

हेड ऑफ स्कूल को एसएमसी मेंबर्स के साथ मीटिंग, कोविड-19 प्रोटोकॉल प्लान और थर्मल स्कैनर, साबुन और सैनिटाइजर आदि का इंतजाम कर लेने के लिए कहा गया है।

स्कूल प्रमुखों को ये भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि स्कूल में आने वाले सभी टीचर और स्टाफ वैक्सीनेटेड हों, अगर नहीं हैं तो इसे प्रमुखता देनी होगी।

जिन स्कूलों में वैक्सीनेशन और राशन बांटने का काम चल रहा है वहाँ उस हिस्से को स्कूल में एकेडमिक एक्टिविटी वाली जगह से अलग रखा जाएगा। इसके लिए अलग एंट्री-एग्जिट पाइंट बनाये जाएंगे और सिविल डिफेंस स्टाफ को तैनात किया जाएगा

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