दिल्लीः ‘शुद्धीकरण’ के खिलाफ कांग्रेस के कई सांसद थाने पहुंचे, जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग की, पुलिस का इनकार

कांग्रेस के. राजू ने कहा कि सांसदों द्वारा करीब दो घंटे तक आग्रह किए जाने के बावजूद एसएचओ ने जीरो एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने ‘शून्य एफआईआर’ दर्ज नहीं करने का कारण भी लिखित में देने से इनकार कर दिया।

दिल्लीः ‘शुद्धीकरण’ के खिलाफ कांग्रेस के कई सांसद थाने पहुंचे, जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग की, पुलिस का इनकार
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कांग्रेस के कई सांसदों और नेताओं ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के सभा स्थल का ‘शुद्धीकरण’ किए जाने के खिलाफ मंगलवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। पार्टी के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित करीब 20 सांसद और कुछ नेता मंगलवार को संसद मार्ग थाने पहुंचे और इस मामले में शिकायत दी।

कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने इस संदर्भ में लिखित शिकायत दी और पुलिस से मामले में ‘श्री राम धर्मार्थ सेवा न्यास’ के अध्यक्ष गिरीश चंद्र पांडे और 15 अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। रवि ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि पांडे और 15 अज्ञात लोगों ने आपराधिक साजिश के तहत 8 अगस्त को खड़गे के हल्द्वानी के रामलीला मैदान में सभा को संबोधित करने के दो दिन बाद 10 अगस्त को वहां यज्ञ किया और गंगाजल का छिड़काव किया।

रवि ने आरोप लगाया कि ‘शुद्धीकरण’ का यह कृत्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के सदस्यों का अपमान और उन्हें नीचा दिखाने के उद्देश्य से किया गया और यह समानता और अस्पृश्यता उन्मूलन की संवैधानिक गारंटी के खिलाफ है। रवि ने कहा कि इस घटना से उनकी और उनके समुदाय के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. राजू ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘हम करीब 20 कांग्रेस सांसदों के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे और 10 अगस्त को हल्द्वानी में शुद्धीकरण के कृत्य को लेकर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत ‘‘शून्य एफआईआर’’ दर्ज कराने का अनुरोध किया।’’


राजू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि सांसदों द्वारा करीब दो घंटे तक आग्रह किए जाने के बावजूद थाना प्रभारी (एसएचओ) ने जीरो एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने ‘शून्य एफआईआर’ दर्ज नहीं करने का कारण भी लिखित में देने से इनकार कर दिया।

के राजू ने कहा, ‘‘अगर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सांसदों के साथ ऐसा हो रहा है, तो कल्पना की जा सकती है कि अत्याचार की स्थिति में आम एससी/एसटी नागरिकों को प्राथमिकी दर्ज कराने में किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता होगा।’’

सांसद रवि ने पुलिस से मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

इस बीच हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खड़गे की रैली के बाद शुद्धिकरण की शर्मनाक घटना के विरोध में और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को तत्काल वापस लेने की मांग को लेकर लखनऊ के इको गार्डन में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना आज 8वें दिन भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहा।


यूपी कांग्रेस ने धरने की तस्वीरें शेयर करते हुए कहा कि सत्य, न्याय और संविधान की रक्षा के लिए आयोजित इस धरने में पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपनी एकजुटता दिखाई। इसमें मुख्य रूप से मीडिया प्रभारी व प्रवक्ता सिद्धि श्री, मीडिया इंचार्ज व प्रवक्ता सुशील कुमार वाल्मीकि, उपाध्यक्ष सुंदरलाल, उपाध्यक्ष गंगाराम कठेरिया, शाहजहांपुर के जिलाध्यक्ष रोहित कन्नौजिया, संयोगिता वर्मा, विषम सिंह, मेजर शेखर, कैप्टन दिनेश चंद्रा, शेरू पाल और रामनरेश गौतम शामिल रहे।

यूपी कांग्रेस ने कहा कि इसके साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए समर्पित कार्यकर्ताओं ने भी धरने में पहुंचकर अपना समर्थन दिया। कांग्रेस पार्टी का यह स्पष्ट संदेश है कि तानाशाही और अन्याय के खिलाफ यह संघर्ष मांगें पूरी होने तक अनवरत जारी रहेगा।

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