दिल्ली में चालान टाला तो मुसीबत पक्की! 45 दिन बाद अपने आप मान लिया जाएगा दोष

दिल्ली में नई डिजिटल ट्रैफिक चालान प्रणाली लागू होगी, जिसमें 45 दिनों में निपटारा अनिवार्य होगा और बार-बार उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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दिल्ली में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए अब बच निकलना मुश्किल होने वाला है। सरकार एक नई डिजिटल और समयबद्ध चालान प्रणाली लागू करने जा रही है, जिसमें हर केस का निपटारा तय समय सीमा के भीतर करना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में यह बदलाव ट्रैफिक व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और पूरी तरह तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

ट्रैफिक सिस्टम होगा पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी

नई व्यवस्था के तहत ट्रैफिक चालान प्रक्रिया को पूरी तरह तकनीक आधारित बनाया जाएगा। पुलिस या अधिकृत अधिकारी डिजिटल और फिजिकल दोनों माध्यमों से चालान जारी कर सकेंगे, जबकि कैमरों और ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए भी चालान स्वतः तैयार होंगे। इसका उद्देश्य मानवीय हस्तक्षेप कम करना और पारदर्शिता बढ़ाना है।

चालान कटने के तीन दिनों के भीतर इसकी जानकारी ऑनलाइन दी जाएगी, जबकि 15 दिनों के भीतर फिजिकल नोटिस संबंधित व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा। इससे सूचना न मिलने का बहाना खत्म हो जाएगा। साथ ही सभी चालानों का पूरा रिकॉर्ड एक ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध रहेगा, जहां नागरिक अपनी स्थिति आसानी से देख सकेंगे।


45 दिनों में निपटारा, नहीं तो चालान माना जाएगा स्वीकार

नई प्रणाली के अनुसार, चालान मिलने के बाद व्यक्ति के पास 45 दिनों का समय होगा। इस दौरान वह या तो भुगतान कर सकता है या पोर्टल के माध्यम से दस्तावेजों के साथ उसे चुनौती दे सकता है। तय समय सीमा में कोई कार्रवाई नहीं होने पर चालान स्वतः स्वीकार मान लिया जाएगा।

अगर शिकायत निवारण अधिकारी चुनौती खारिज कर देता है, तो 30 दिनों के भीतर भुगतान करना होगा या चालान की आधी राशि जमा कर कोर्ट जाने का विकल्प मिलेगा। लेकिन समयसीमा का पालन न करने पर चालान अंतिम रूप से स्वीकार कर लिया जाएगा।

बार-बार नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई

अगर कोई व्यक्ति एक साल में पांच या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे गंभीर श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन या अयोग्यता जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

समयसीमा पार होने पर रोजाना इलेक्ट्रॉनिक नोटिस भेजे जाएंगे। भुगतान न करने की स्थिति में वाहन से जुड़े सभी सरकारी कार्य रोक दिए जाएंगे और उसे पोर्टल पर ‘नॉट टू बी ट्रांजैक्टेड’ के रूप में चिन्हित कर दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर न्यायालय के आदेश से वाहन जब्त भी किया जा सकता है।


वाहन मालिक की जिम्मेदारी और सरकार की अपील

नई व्यवस्था में सभी चालान वाहन के रजिस्टर्ड मालिक के नाम पर जारी होंगे और इसकी सूचना एसएमएस, ईमेल या अन्य माध्यमों से दी जाएगी। सरकार ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे अपने लाइसेंस और आरसी में मोबाइल नंबर और पता अपडेट रखें, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।

सरकार का मानना है कि यह डिजिटल और समयबद्ध प्रणाली ट्रैफिक नियमों के पालन को मजबूत करेगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद करेगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और समय पर चालान का निपटारा करें।