SI दिनेश को हिंसक भीड़ ने घेरा तो साबिर ने बुलेट प्रूफ जैकेट हटाकर पहना दी टोपी, फिर ऐसे बचाई जान!

दंगाइयों ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद में जमकर बवाल काटा था। वहां बहुत हिंसा हुई थी। घटना वाले दिन दिनेश कुमार वहीं ड्यूटी पर तैनात थे। हिंसक भीड़ लगातार उनकी तरफ बढ़ रही थी। दिनेश के पास हथियार भी थे, लेकिन उग्र भीड़ को देखकर वो घबराने लगे।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा में अब तक 42 लोगों की मौत हो चुकी है और सैंकड़ो लोग घायल हैं। दिल्ली का उत्तर-पूर्वी इलाका तीन दिनों तक दंगे की आग जलता रहा। कई घर तबाह हुए, कई जिंदगियां खाक हो गईं। यहां दंगाइयों ने हैवानियत की हद कर दी। जिसने वो मंजर देखा उसके रूह तक कांप गए। लेकिन इन हिंसक वारदातों के बीच कुछ ऐसी भी कहानियां सुनने को मिली जिससे लगा कि देश में अभी भी एकता और भाईचारा जिंदा है। अभी भी ऐसे लोग हैं जिनके लिए धर्म और जात से ज्यादा इंसानियत अहमियत रखता है। ऐसी ही एक कहानी जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास की है। ‘आज तक’ की रिपोर्ट के मुताबिक दंगों के दौरान जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर दिनेश कुमार हिंसक भीड़ से घिरे गए थे। उस दौरान उन्हें उस भीड़ से मोहम्मद साबिर नाम के शख्स ने बचाया था।

दंगाइयों ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद में जमकर बवाल काटा था। वहां बहुत हिंसा हुई थी। घटना वाले दिन दिनेश कुमार वहीं ड्यूटी पर तैनात थे। हिंसक भीड़ लगातार उनकी तरफ बढ़ रही थी। दिनेश के पास हथियार भी थे, लेकिन उग्र भीड़ को देखकर वो घबराने लगे। उन्हें कुछ समझ नहीं आ रही थी, इसी बीच दिनेश के लिए एक शख्स फरिश्ता बनकर आया। मोहम्मद साबिर ने दिनेश को भीड़ से घिरे हुए देखा और उन्हें बचाने पहुंच गए। साबिर ने दिनेश की बुलेट प्रूफ जैकेट उतारी और उन्हें सामान्य जैकेट पहना दी। वहीं एक और शख्स अबू कमर ने अपनी टोपी दिनेश को पहनाई। बाद में डॉक्टर फहीम बेग ने उन्हें अपनी बाइक पर बैठाकर वहां से निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।


ऐसी ही घटना चंदन नाम के एक शख्स के साथ घटी। चंदन अपने घर से किसी काम के लिए निकला था, लेकिन हिंसक भीड़ के बीच फंस गया। भीड़ से घबराकर एक युवक मस्जिद में जा छिपा। वह मस्जिद में घुसा ही था कि भीड़ उसके पीछे-पीछे उसे मारने वहां आ गई। लेकिन अफजल खान नाम के एक युवक ने भीड़ को दूर किया और कहा कि वो यहां से चले जाएं ये मेरा भाई है। बाद में अफजल ने चंदन को पानी पिलाया। बाद में उसे सुरक्षित मौजपुर चौक तक छोड़ा गया।

बता दें कि दिल्ली में हिंसा के बाद अब शांति है। पुलिस लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश कर रही है। लोग सड़कों पर निकल रहे हैं। गाड़ियां चलने लगी हैं। पुलिस ने कहा है कि उन्हें किसी भी अफवाह पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है।

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Published: 29 Feb 2020, 1:41 PM