दिल्ली में दिवाली से पहले ही दमघोंटू हुई हवा, सांस लेना हुआ मुश्किल, AQI 349 तक पहुंचा, कई इलाकों में छाई धुंध

सुबह 7 बजे से पहले जारी आंकड़ों के अनुसार, अक्षरधाम मंदिर और आईटीओ के आसपास AQI 349 दर्ज किया गया। वहीं, इंडिया गेट और जनपथ के आसपास वायु गुणवत्ता सूचकांक 335 रहा।

फोटो: सोशल मीडिया
i

राजधानी दिल्ली में दिवाली से पहले ही प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। सोमवार सुबह कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। हालात ऐसे हैं कि लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, कुछ स्थानों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 के करीब पहुंच गया है।

सुबह 7 बजे से पहले जारी आंकड़ों के अनुसार, अक्षरधाम मंदिर और आईटीओ के आसपास AQI 349 दर्ज किया गया। वहीं, इंडिया गेट और जनपथ के आसपास वायु गुणवत्ता सूचकांक 335 रहा।

पाबंदियां लागू होने के बावजूद बढ़ा प्रदूषण

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए 1 नवंबर से नई पाबंदियां लागू की गई हैं। इसके बावजूद पहले ही दिन राजधानी की हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई। इससे पहले बारिश के कारण लगातार दो दिनों तक प्रदूषण से कुछ राहत मिली थी, लेकिन रविवार को स्थिति अचानक बिगड़ गई।

रविवार को दिल्ली का AQI 261 दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक स्तर रहा। इतना ही नहीं, 12 जुलाई के बाद यह राजधानी का सबसे प्रदूषित दिन भी रहा। दिल्ली के 57 निगरानी केंद्रों में से 23 पर AQI 300 के पार पहुंच गया। एक दिन पहले वायु गुणवत्ता सूचकांक 117 था, यानी महज 24 घंटे में इसमें 144 अंकों की बढ़ोतरी हुई।

CPCB ने आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है और हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच सकती है।

AQI की किस श्रेणी में कितनी खतरनाक होती है हवा?

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के मुताबिक, AQI को छह श्रेणियों में बांटा गया है। 0 से 50 तक अच्छा, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से 500 गंभीर श्रेणी मानी जाती है।

धुंध के साथ शुरू हुआ नवंबर, तापमान में भी गिरावट

दिल्ली में नवंबर की शुरुआत हल्की ठंड और धुंध के साथ हुई। रविवार को सुबह के समय धुंध के कारण दृश्यता भी प्रभावित रही। मौसम विभाग के अनुसार, 1 नवंबर को न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री कम था। वर्ष 2023 के बाद पहली नवंबर का यह सबसे कम न्यूनतम तापमान रहा।

वहीं, अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम है। वर्ष 2021 के बाद पहली नवंबर को दर्ज किया गया यह सबसे कम अधिकतम तापमान है।

धुंध के चलते सुबह सफदरजंग में दृश्यता 1600 मीटर और पालम स्थित आईजीआई एयरपोर्ट के पास 1500 मीटर दर्ज की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले एक सप्ताह तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए