यूपी के दबाव के बावजूद उत्तराखंड ने नहीं दी कांवड़ यात्रा की अनुमति, सीएम बोले- नहीं बनना चाहते कोविड फैलने का केंद्र

उत्तराखंड सरकार ने इस साल भी कांवड़ यात्रा की इजाजत देने से इनकार कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य में कोरोना के नए वेरिएंट सामने आ रहे हैं ऐसे में वे नहीं चाहते कि हरिद्वार कोविड फैलने का केंद्र बने।

फोटो : Getty Images
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नवजीवन डेस्क

उत्तराखंड सरकार ने कोरोना महामारी को देखते हुए इस साल भी कांवड़ यात्रा को स्थगित कर दिया है। सरकार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच कांवड़ यात्रा के संबंध में हुई बैठक के बाद ऐलान किया। बैठक में कोविड के डेल्टा प्लस वैरिएंट पाए जाने और कोविड की तीसरी लहर की आशंका और देश-विदेश में इसके दुष्प्रभावों पर विचार किया गया। इसके बाद सीएम ने कहा कि जीवन की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगामी कांवड़ यात्रा  को स्थगित रखने का निर्णय लिया गया। 

मुख्यमंत्री ने सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक को इस बारे में जरूरी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने ये भी निर्देश दिए कि पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कार्यवाई के लिए अनुरोध किया जाए। जिससे वैश्विक माहमारी को रोकने में सफलता मिल सके।


दरअसल उत्तराखंड पर बीजेपी शासित हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने दबाव बनाया था। इन दोनों राज्यों में कांवड़ यात्रा की तैयारियां चल रही हैं और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को 25 जुलाई से शुरु होने वाली कांवड़ यात्रा के संचालन की तैयारी के आदेश दिए हैं। 

इसके अलावा उत्तराखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट का भी डर है, जिसके चलते इस साल चारधाम यात्रा भी नहीं शुरु हो पाई है। सुप्रीम कोर्ट ने चारधाम यात्रा पर रोक लगा रखी है और सरकार इसके विरुद्ध कोर्ट का दरवाज खटखटा चुकी है। ऐसे में अगर कांवड़ यात्रा के संचालन पर भी सरकार न्यायिक वाद में फंस सकती है।

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