धनतेरस पर सिर्फ सोना-चांदी नहीं, ये 5 चीजें भी जरूर खरीदें, जानिए किस चीज का क्या है महत्व

धनतेरस पर खरीदारी और पूजा से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के साथ शुभ-अशुभ समय का विशेष महत्व है, जिसे लेकर ज्योतिषाचार्य ने कुछ जरूरी बातें बताई हैं।

फोटो: IANS
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  • ज्योतिषाचार्य शिप्रा सचदेव के मुताबिक, धनतेरस पर झाड़ू, नमक, धनिया, हल्दी और धातु से बनी वस्तु खरीदना शुभ माना जाता है।

  • इस बार सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक का समय छोड़कर पूरे दिन खरीदारी का शुभ योग बताया गया है।

  • धनतेरस पर शाम 6:02 बजे से 7:58 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा।

  • पूजा के दौरान भगवान धन्वंतरि की आराधना के साथ घर के अंदर और बाहर चौमुखी दीपक जलाने की सलाह दी गई है।

धनतेरस पर बाजार से क्या खरीदकर घर लाना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? इस दिन सोना-चांदी और बर्तन खरीदने की परंपरा तो है ही, लेकिन ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कुछ ऐसी चीजें भी हैं, जिन्हें घर लाना शुभ माना जाता है। प्रयागराज की ज्योतिषाचार्य शिप्रा सचदेव ने धनतेरस पर खरीदारी, पूजा के मुहूर्त और जरूरी धार्मिक मान्यताओं के बारे में जानकारी दी है।

शिप्रा सचदेव ने बताया कि इस बार धनतेरस पर सुबह से ही खरीदारी की जा सकती है। पूरे दिन खरीदारी के लिए शुभ योग है, लेकिन सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक का समय छोड़ना चाहिए। उन्होंने पांच ऐसी चीजें बताईं, जिन्हें धनतेरस पर खरीदकर घर लाना शुभ माना जाता है।

धनतेरस पर जरूर खरीदें ये 5 चीजें

ज्योतिषाचार्य शिप्रा सचदेव के मुताबिक, धनतेरस पर सबसे पहले झाड़ू खरीदनी चाहिए। धार्मिक मान्यता में झाड़ू को राहु का प्रतीक माना जाता है। उनके अनुसार, यह घर से नकारात्मकता दूर करने और मां लक्ष्मी के आगमन का सूचक है। मान्यता है कि इस दिन झाड़ू खरीदने से राहु संतुलित होता है और घर में अच्छी प्रगति होती है।

दूसरी जरूरी चीज नमक है। शिप्रा सचदेव ने बताया कि नमक को शनि का प्रतीक माना जाता है। मान्यता के अनुसार, धनतेरस पर नमक खरीदने से घर में नकारात्मकता दूर होती है, किसी चीज की कमी नहीं रहती और शनि की शुभ दृष्टि बनी रहती है।

तीसरी चीज धनिया है, जिसे बुध और भगवान गणेश का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, धनिया घर में सुख-समृद्धि, वैभव और बुद्धि के विकास से जुड़ा है। वहीं, हल्दी को गुरु का प्रतीक और भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इसे घर लाने से धन-धान्य की कमी नहीं होती और बीमारियों से मुक्ति मिलती है।

पांचवीं चीज धातु से बनी कोई वस्तु है। इसमें सोना, चांदी, तांबा या पीतल से बनी चीजें शामिल हैं। शिप्रा सचदेव के अनुसार, दूसरी वस्तुओं के समय के साथ खराब होने की संभावना रहती है, जबकि धातु लंबे समय तक चलती है। इसी वजह से धनतेरस पर धातु की वस्तु खरीदना शुभ माना जाता है।


धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

ज्योतिषाचार्य शिप्रा सचदेव ने बताया कि धनतेरस पर शाम को पूजा का शुभ मुहूर्त 6 बजकर 2 मिनट से शुरू होकर 7 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। इस दौरान भगवान धन्वंतरि की पूजा करने की सलाह दी गई है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान धन्वंतरि की आराधना से निरोगी काया और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है। उन्होंने कहा कि इससे घर के सदस्यों को लंबे समय से चली आ रही बीमारी से मुक्ति मिलने की भी मान्यता है।

पूजा में चौमुखी दीपक जलाना न भूलें

शिप्रा सचदेव के मुताबिक, धनतेरस की पूजा के दौरान चौमुखी दीपक जलाना भी जरूरी माना जाता है। इसे घर के अंदर और बाहर, दोनों जगह जलाना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और मां लक्ष्मी का वास होता है।

इस तरह धनतेरस पर खरीदारी के साथ पूजा के समय और कुछ खास चीजों का ध्यान रखने की परंपरा है। हालांकि, खरीदारी के लिए सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक का समय छोड़ने और शाम के शुभ मुहूर्त में पूजा करने की सलाह दी गई है।

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