क्या पीएम मोदी ने दाऊदी बोहरा समुदाय के कार्यक्रम में पढ़ा कलमा !

दाऊदी बोहरा समुदाय के कार्यक्रम में पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि बोहरा समाज दुनिया को हमारे देश की ताकत बता रहा है। उन्होंने कहा कि बोहरा समाज की भूमिका राष्ट्रभक्ति के प्रति सबसे अहम रही है। धर्मगुरु अपने प्रवचन के माध्यम से अपनी मिट्टी से मोहब्बत की बातें कहते हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुहर्रम के महीने में दाऊदी बोहरा समुदाय के बीच पहुंचे और इमाम हुसैन की शहादत में मनाए जाने वाले मातम में शामिल हुए। उन्होंने बोहरा समुदाय द्वारा मनाए गए मातम के दौरान पढ़े गए मरसिया और सैयदना की मजलिस को सुना। यह कार्यक्रम दाऊदी बोहरा मुस्लिम समुदाय के 53वें धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन द्वारा आयोजित था। कार्यक्रम में मर्सिया पढ़े जाने के दौरान मोदी कलमा बुदबुदाते दिखे।

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि इमाम हुसैन अमन और इंसाफ के लिए शहीद हुए।

पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी के बीच में आना हमेशा मुझे प्रेरणा देता है, एक नया अनुभव देता है। अशरा मुबारक के इस पवित्र अवसर पर आपने मुझे बुलाया, इसके लिए मैं आपका आभारी हूं। उन्होंने कहा कि बोहरा समाज ने हमेशा से शांति का पैगाम दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि शांति का संदेश देने की यही शक्ति हमें दुनिया से अलग बनाती है। बोहरा समाज दुनिया को हमारे देश की ताकत बता रहा है। उन्होंने कहा कि बोहरा समाज की भूमिका राष्ट्रभक्ति के प्रति सबसे अहम रही है। धर्मगुरु अपने प्रवचन के माध्यम से अपनी मिट्टी से मोहब्बत की बातें कहते हैं।

बोहरा धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन ने कहा कि आज इमाम हुसैन के शहादत की याद में प्रधानमंत्री का हमारे गम में शरीक होना बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि अल्लाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस वतन को आगे ले जाने की शक्ति दे।

बोहरा धर्मगुरु ने कहा कि वतन से मोहब्बत, वतन से वफादारी, कानून में भागीदारी ही भारत के मुसलमानों का ईमान है। इस मौके पर उन्होंने पीएम मोदी को जन्मदिन की अग्रिम बधाई भी दी।

मुहर्रम के महीने में पीएम मोदी का मस्जिद में पहुंचना काफी अहम माना जा रहा है और इसके कई मायने समझे जा रहे हैं। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान भी शामिल थे।

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