दिल्ली के सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने कोवैक्सीन लेने से किया मना, कोविशील्ड लगवाने की रखी मांग

आरएमएल अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. निर्मलाय महापात्रा ने कहा कि हमारा विचार यह नहीं है कि एक वैक्सीन दूसरी की तुलना में बेहतर है, मगर कोवैक्सीन के डेटा की अनुपस्थिति में हमें कोविशील्ड दी जानी चाहिए।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

राजधानी दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवैक्सीन को लेकर आशंका जताई है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से अनुरोध किया कि वे भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की डोज नहीं लेना चाहते और इसकी जगह सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की ओर से निर्मित ऑक्सफोर्ड कोविशील्ड वैक्सीन लेना चाहते हैं।

आरएमएल अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने शनिवार को कहा कि अभी कोवैक्सीन का परीक्षण पूरा नहीं हुआ है, इसलिए वे इसे लेकर आशंकित हैं। आरएमएल अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. निर्मलाय महापात्रा ने कहा, "हमारा विचार यह नहीं है कि एक वैक्सीन दूसरी की तुलना में बेहतर है, मगर कोवैक्सीन के डेटा की अनुपस्थिति में हमें कोविशील्ड दी जानी चाहिए।"

अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टरों ने अस्पताल अक्षीक्षक को भेजे पत्र में लिखा है, "कोवैक्सीन का पूरी तरह परीक्षण न होने के कारण रेजीडेंट डॉक्टर इसे लेकर थोड़ा आशंकित हैं, जिसके चलते वे अधिक संख्या में इस कार्यक्रम में भाग नहीं ले सकते, जो इस प्रकार के टीकाकरण के उद्देश्य के लिए आवश्यक है।" इसके साथ ही डॉक्टरों ने आगे लिखा, "हम आपसे अनुरोध करते हैं कि हमें कोविशील्ड का टीका लगाया जाए, जो परीक्षण के सभी चरण पूरा कर चुकी है।"

बता दें कि कोवैक्सीन इस महीने की शुरुआत में दवा नियामक से मंजूरी मिलने के बाद से सुर्खियों में है। दिल्ली में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को छह केंद्र संचालित अस्पतालों- एम्स, सफदरजंग, आरएमएल, कलावती सरन चिल्ड्रन हॉस्पिटल और दो ईएसआई अस्पतालों को आवंटित किया गया है, जबकि 75 दिल्ली सरकार द्वारा संचालित और निजी अस्पतालों में कोविशील्ड दी गई हैं।

इस बीच आशंकाओं को दूर करते हुए और डॉक्टरों के विरोध के बीच राम मनोहर लोहिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. ए.के. सिंह राणा ने शनिवार को खुद को कोवैक्सीन का टीका लगवाया है। वहीं केंद्र सरकार द्वारा संचालित एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया और नीति आयोग के सदस्य वी.के. पॉल ने भी वैक्सीन की पहली खुराक ली है। इसके अलावा दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी लोगों को आश्वस्त किया कि डरने की कोई जरूरत नहीं है और वैक्सीन सुरक्षित है। वहीं आज देशभर में 3,006 जगहों पर एक लाख से ऊपर लोगों को टीका दिया गया।

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