अर्थतंत्र की खबरें: बैंकों में खरीदारी से घरेलू शेयर बाजार में तेजी लौटी और जानें आज क्या रहा रुपया की चाल?
सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से ट्रेंट लिमिटेड, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयर प्रमुख रूप से बढ़त में रहे।

बैंकों के शेयरों में लिवाली और वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख के बीच शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 232 अंक की तेजी में रहा जबकि निफ्टी 65 अंक चढ़ गया।
विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की दिशा में प्रगति की उम्मीदों से निवेश धारणा को समर्थन मिला।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 231.99 अंक यानी 0.31 प्रतिशत बढ़कर 75,415.35 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स में एक समय 627.61 अंक तक की तेजी दर्ज की गई थी।
इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी 64.60 अंक यानी 0.27 प्रतिशत बढ़कर 23,719.30 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से ट्रेंट लिमिटेड, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयर प्रमुख रूप से बढ़त में रहे।
दूसरी तरफ, सन फार्मा, आईटीसी लिमिटेड, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "घरेलू बाजारों में हल्की बढ़त के साथ कारोबार हुआ। इसे निचले स्तरों पर खरीदारी और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद के बीच सकारात्मक वैश्विक संकेतों से समर्थन मिला।"
नायर ने कहा कि घरेलू स्तर पर वित्तीय शेयरों ने इस बढ़त का नेतृत्व किया जबकि वैश्विक स्तर पर एआई में निवेश का मुद्दा प्रमुख कारक बना रहा।
व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.30 प्रतिशत की बढ़त में रहा जबकि छोटी कंपनियों के स्मालकैप सूचकांक में 0.60 प्रतिशत की गिरावट रही।
विदेशी मुद्रा भंडार आठ अरब डॉलर घटकर 688.89 अरब अमेरिकी डॉलर पर
देश का विदेशी मुद्रा भंडार 15 मई को समाप्त सप्ताह में 8.09 अरब डॉलर घटकर 688.89 अरब डॉलर रहा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
इससे पिछले सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार 6.29 अरब डॉलर बढ़कर 696.99 अरब डॉलर पर पहुंच गया था।
पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने से पहले 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 728.49 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद रुपये पर दबाव बढ़ने और विदेशी मुद्रा बाजार में आरबीआई द्वारा डॉलर की बिक्री के जरिए हस्तक्षेप किए जाने से मुद्रा भंडार में कई सप्ताह तक गिरावट दर्ज की गई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 मई को देशवासियों से विदेशी यात्राएं कम करने, ईंधन की खपत घटाने और एक वर्ष तक सोने की खरीद से बचने की अपील भी की है, ताकि विदेशी मुद्रा की बचत की जा सके।
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 15 मई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का प्रमुख घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 6.48 अरब डॉलर घटकर 545.90 अरब डॉलर रह गईं।
डॉलर के संदर्भ में व्यक्त विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में शामिल यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के मूल्य में उतार-चढ़ाव का प्रभाव भी शामिल होता है।
सप्ताह के दौरान सोने के भंडार का मूल्य भी 1.54 अरब डॉलर घटकर 119.32 अरब डॉलर रह गया।
रुपया 63 पैसे मजबूत होकर 95.73 प्रति डॉलर पर
रुपया शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 63 पैसे चढ़कर 95.73 (अस्थायी) पर रहा। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संभावित हस्तक्षेप से घरेलू मुद्रा में यह मजबूती आई है।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की टिप्पणी से बाजार को कुछ राहत मिली। उन्होंने संकेत दिया था कि ईरान से जुड़े मुद्दे पर कूटनीतिक वार्ता रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।
इसके अलावा घरेलू शेयर बाजारों में तेजी और अमेरिकी बॉन्ड पर प्रतिफल में गिरावट से भी रुपये को बल मिला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.30 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह ऊंचे में 95.30 प्रति डॉलर तक गया और नीचे में 95.68 पर आया।
कारोबार के अंत में रुपया 95.73 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा, जो पिछले बंद स्तर से 63 पैसे अधिक है।
बृहस्पतिवार को रुपया अपने सर्वकालिक निचले बंद स्तर से उबरते हुए 50 पैसे की तेजी के साथ 96.36 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, “अमेरिका और ईरान के बीच अनिश्चितता के कारण रुपये में नकारात्मक रुख रह सकता है। हालांकि, शांति समझौते को लेकर उम्मीद और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी निचले स्तरों पर रुपये को मजबूती दे सकती है।”
उन्होंने कहा, “अमेरिकी बॉन्ड पर प्रतिफल में भी नरमी है, जिससे घरेलू मुद्रा को सहारा मिल सकता है। डॉलर के मुकाबले रुपया का हाजिर भाव 95.50 से 96.30 के दायरे में रहने का अनुमान है।”
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