राफेल डील पर लिखी किताब पर चुनाव आयोग ने लगाई रोक, प्रकाशक ने उठाए सवाल, पूछा- आयोग और सरकार को क्या आपत्ति

चुनाव अधिकारियों ने चेन्नई में राफेल रक्षा सौदे पर लिखी गई एक किताब की रिलीज पर रोक लगा दी है। अधिकारियों ने इसके पीछे आदर्श आचार संहिता का हवाला दिया है।

फोटो: सोशल मीडिया 
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नवजीवन डेस्क

चुनाव आयोग ने राफेल डील से जुड़ी एक किताब को रिलीज किये जाने पर रोक लगा दी है। भारती प्रकाशन के संपादक पीके राजन ने इसे पूरी तरह से गलत बताते हुए कहा चुनाव आयोग की कार्रवाई पर सवाल उठाया है। इस तमिल किताब ‘नट्टई उलुक्कम राफेल’ किताब को एस विजयन ने लिखा है और इस किताब को वरिष्ठ पत्रकार और ‘द हिंदू’ के चेयरमैन एन राम आज विमोचन करने वाले थे। बता दें कि एन राम खुद इस सौदे पर कई रिपोर्ट लिख चुके हैं।

भारती प्रकाशन के संपादक पीके राजन चुनाव आयोग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, “कहा पता नहीं किताब पर क्यों बैन लगा है? किताब में जो बातें लिखी हैं वह पब्लिक डॉमेन में मौजूद है। हमने चुनाव पर कई किताबें प्रकाशित की हैं। आज अचानक चुनाव आयोग और सरकार को क्या आपत्ति हो गई? हम अपनी किताब अपनी दुकान पर भी नहीं बेच सकते है।”

गौरतलब है कि 5 अप्रैल को रिलीज होने वाली पीएम मोदी की बायोपिक को लेकर विपक्षी दलों ने आयोग से शिकायत की थी लेकिन चुनाव आयोग ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन नहीं माना था। ‘मिशन शक्ति’ पर पीएम मोदी के संबोधन को लेकर भी कई दलों ने सवाल उठाए थे लेकिन चुनाव आयोग ने पीएम को क्लीन चिट दे दी थी। अब ऐसै में भारती प्रकाशन अब इस कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट जाने का मन बना लिया है। प्रकाशन के संपादक पीके राजन ने इसे पूरी तरह से गलत बताते हुए कहा कि किताब की रिलीज आचार संहिता का उल्लंघन नहीं करती है। उन्होंने कहा कि हम अदालत जाएंगे और किताब रिलीज करवा कर रहेंगे।

चुनाव अधिकारियों इस मामले के पीछे आदर्श आचार संहिता का हवाला दिया है।

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