इंडिगो विमान की तकनीकी खराबी के बाद पाकिस्तान के कराची में इमरजेंसी लैंडिंग, शारजाह से हैदराबाद आ रही थी फ्लाइट

पायलट द्वारा विमान में तकनीकी खराबी की सूचना मिलने के बाद इंडिगो शारजाह-हैदराबाद की उड़ान को पाकिस्तान के कराची की ओर मोड़ दिया गया, जिसकी हवाई अड्डे पर जांच की जा रही है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

इंडिगो विमान की तकनीकी खराबी के बाद पाकिस्तान के कराची में इमरजेंसी लैंडिंग की गई है। यह फ्लाइट शारजाह से हैदराबाद आ रही थी। पायलट द्वारा विमान में तकनीकी खराबी की सूचना मिलने के बाद उड़ान को पाकिस्तान के कराची की ओर मोड़ दिया गया, जिसकी हवाई अड्डे पर जांच की जा रही है। एयरलाइन कराची में एक और विमान भेजने की योजना बना रही है। दो हफ्ते में कराची में उतरने वाली यह दूसरी भारतीय एयरलाइन है।

इससे पहले 14 जुलाई यानी गरुवार को दिल्ली से वडोदरा जा रहे इंडिगो विमान 6 E-859 की जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग हुई थी। इंजन में वाइब्रेशन होने के बाद यह इमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई थी। DGCA ने जांच के आदेश दे दिए थे। किन कारणों की वजह से इंडिगो के इंजन में यूं वाइब्रेशन हुई, यह स्पष्ट नहीं हो पाया था।


हाल ही में हुई फ्लाइट में तकनीक खराबी और इमरजेंसी लैंडिंग

  • 11 जुलाई को दुबई से मदुरै जाने वाली स्पाइसजेट की बोइंग बी737 मैक्स विमान में 'अंतिम समय में तकनीकी समस्या' की बात सामने आई, जिसके कारण उड़ान में देरी हुई। इस विमान के अगले पहिए में खराबी आई थी।

  • 2 जुलाई को जबलपुर जा रही स्पाइसजेट की फ्लाइट तब वापस दिल्ली लौट आई जब करीब पांच हजार फुट की ऊंचाई पर चालक दल के सदस्यों ने केबिन में धुंआ देखा।

  • 6 जुलाई को इंडिगो की रायपुर-इंदौर उड़ान के चालक दल के सदस्यों ने विमान के गंतव्य पर उतरने के बाद उसमें धुआं देखा। सभी यात्री विमान से सुरक्षित उतर लिए गए।

  • 5 जुलाई को स्पाइसजेट का एक मालवाहक विमान कोलकाता लौट आया, विमान के पायलट्स को उड़ान भरने के बाद यह पता चला कि मौसम संबंधी रडार काम नहीं कर रहा है। स्पाइसजेट कंपनी का यग बोईंग 737 मालवाहक विमान को कोलकाता से चोंगक्विंग जाना था।

  • 5 जुलाई को ही स्पाइसजेट के दो और विमानों में खराबी आई थी, पहली दिल्ली से दुबई जा रहे एक विमान के फ्यूल इंडिकेटर में खराबी के बाद उसे कराची डायवर्ट कर दिया गया था, वहीं दूसरा कांडला-मुंबई फ्लाइट की खिड़की के शीशे में उड़ान भरने के बाद 23 हजार फीट की ऊंचाई पर दरार दिखने पर मुंबई में प्रायोरिटी लैंडिंग करानी पड़ी थी।

  • 24 और 25 जून को अलग-अलग विमानों में 'फ्यूजलेज डोर वार्निंग' प्रणाली सक्रिय होने की वजह से, विमानों को बीच में यात्रा छोड़ कर वापस आना पड़ा।

  • 19 जून को पटना से 185 यात्रियों को लेकर दिल्ली के लिए उड़ान भरने के बाद ही स्पाइसजेट के विमान के इंजन में आग लग गई। इसके बाद प्लेन को लैंड करना पड़ा था।

क्या होती है इमरजेंसी लैंडिंग?

इमरजेंसी लैंडिंगन खास परिस्थितियों में तय समय और स्थान से पहले ही जब विमान को किसी और एयरपोर्ट या जगह पर उतार दिया जाता है तो उसे इमरजेंसी लैंडिंग कहा जाता है। अगर विमान में कोई दिक्कत आने से या फिर यात्रा कर रहे लोगों में से किसी की तबीयत खराब होने पर इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया जाता है। सरल भाषा में समझें तो जब भी प्लेन में बैठे यात्रियों की जान को कुछ खतरा होता है तो इस स्थिति में फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग करवा दी जाती है, यानी विमान को तय जगह के अलावा कहीं और उतार दिया जाता है। कई परिस्थितियों में इमरजेंसी लैंडिंग करवाई जाती है।


इमरजेंसी लैंडिंग कितने तरह की होती है?

लैंडिंग करवाने का तरीका लैंडिंग के कारणों पर निर्भर करता है। आम तौर पर माना जाता है कि फ्लाइट की तीन तरह से लैंडिंग करवाई जाती है। इसमें फोर्स्ड लैंडिंग, प्रीकॉश्नरी लैंडिंग और डिचिंग लैंडिंग शामिल है। ये अलग अलग कारणों पर निर्भर करता है कि इमरजेंसी लैंडिंग कैसी होगी।

  • फोर्स्ड लैंडिंग- फोर्स्ड लैंडिंग को इमिडिएट लैंडिंग कहा जाता है, जिसमें विमान ज्यादा समय तक उड़ाने की स्थिति में नहीं होता है। इस स्थिति में जल्द से जल्द फ्लाइट को लैंड करवाया जाता है और यह स्थिति इंजन में आने वाली दिक्कत की वजह से होती है। इस स्थिति में जल्द से जल्द फ्लाइट को जमीन पर लाया जाता है।

  • प्रीकॉश्नरी लैडिंग- इस तरह की लैंडिंग में फ्लाइट को उड़ाया तो जा सकता है, लेकिन इसकी सलाह नहीं दी जाती है। इस स्थितियां काफी सामान्य होती हैं और अक्सर इस तरह की लैंडिंग ही करवाई जाती है। जैसे मौसम में गड़बड़ी, फ्यूल शॉर्टेज, विमान में कोई हल्की दिक्कत होने की वजह से इस तरह की लैंडिंग करवाई जाती है। जो एकदम आपातकाल की स्थिति नहीं होती है, लेकिन यात्रियों की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए उसमें सुधार किया जाता है।

  • डिचिंग लैंडिंग- ये लैंडिंग काफी रेयर होती है। इस तरह की लैंडिंग बहुत कम देखने को मिलती है। ये लैंडिंग एयरपोर्ट, रनवे पर नहीं बल्कि पानी में करवाई जाती है। जब विमान क्रैश करने की स्थिति में होता है तो इस स्थिति में पानी में विमान को उतारा जाता है। इसके सबसे चर्चित उदाहरण है साल 2009 का, जब यूएस एयरवेज फ्लाइट 1549 को Hudson नदी में उतारा गया था और 155 लोगों को बचाया गया था, जिसमें कुछ लोग घायल भी हो गए थे।

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Published: 17 Jul 2022, 9:15 AM
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