उन्नाव केस से जुड़ा सवाल पुलिस से पूछने वाली छात्रा का परिवार खौफ में, स्कूल भेजना किया बंद

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में पुलिस के एक आलाअधिकारी से लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल पूछने वाली छात्रा का परिवार खौफ में है और छात्रा का स्कूल जाना बंद करा दिया गया है। परिवार का कहना है कि वे स्कूल प्रिंसिपल से बात करने के बाद ही उसे स्कूल भेजने पर फैसला लेगा।

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नवजीवन डेस्क

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में पुलिस ने पिछले बालिका सुरक्षा जागरुकता अभियान के तहत शहर के आनंद भवन स्कूल में एक कार्यक्रम किया था। इस कार्यक्रम में छात्राओं को सुरक्षा के बारे में जागरुक किया गया। कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा ने अपर पुलिस अधीक्षक आर एस गौतम से ऐसा सवाल पूछा जो देखते-देखते वायरल हो गया।

छात्रा ने पुलिस से पूछा था कि अगर परेशान करने वाला व्यक्ति आम आदमी है तो हम उसकी शिकायत कर सकते हैं, लेकिन अगर वह नेता है और ताकतवर शख्स है तो उसका विरोध कैसे किया जा सकता है? हम यह जानते हैं कि अगर हम किसी हाई प्रोफाइल व्यक्ति के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। हमने देखा कि उन्नाव की लड़की अस्पताल में है। ऐसे में अगर हम विरोध जताते हैं तो इस बात की क्या गारंटी है कि हमें न्याय मिलेगा? क्या गारंटी है कि हम सुरक्षित रहेंगे? क्या गारंटी है कि हमारे साथ कुछ नहीं होगा? अगर उन्नाव पीड़ित की तरह ही हमारा भी एक्सीडेंट करा दिया गया तो?

छात्रा के इस तीखे सवाल पर उसके साथा छात्रों ने ताली बजाकर उसका उत्साहवर्धन किया था। लेकिन छात्रा के सवालों पर एएसपी के पास कोई जवाब नहीं था। उन्होंने पुलिस का टोल फ्री नंबर देते हुए कहा कि इस नंबर पर की गई सभी शिकायतों पर मदद मुहैया कराई जाएगी।

छात्रा का यह वीडियो वायरल हो गया था और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था कि अगर कोई प्रभावशाली व्यक्ति कुछ गलत करता है तो हमारी आवाज कौन सुनेगा? एक छात्रा ने जागरूकता रैली के दौरान यह सवाल पूछा है। उत्तर प्रदेश की हर महिला और लड़की के दिमाग में यही सवाल है। बीजेपी इसका जवाब दे।

लेकिन इस प्रसंग के बाद छात्रा का परिवार खौफ में है। परिवार ने छात्रा को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। छात्रा के पिता का कहना है कि उनकी एक ही बेटी है और वह नहीं चाहते कि उसके साथ कोई अपशकुन हो जाए। उन्होंने कहा कि स्कूल ने इस कार्यक्रम के आयोजन से पहले अभिभावकों को कोई सूचना नहीं दी थी। उनका कहना है कि बच्ची की पहचान भी सार्वजनिक कर दी गई है, जिसके बाद वे काफी डर गए हैं। उन्होंने कहा कि वे पहले स्कूल प्रिंसिपल से इस बारे में बात करेंगे, उसके बाद ही छात्रा को स्कूल भेजने पर फैसला करेंगे।

उन्नाव रेप पीड़िता को न्याय की मांग पर हस्ताक्षर अभियान

उन्नाव केस से जुड़ा सवाल पुलिस से पूछने वाली छात्रा का परिवार खौफ में, स्कूल भेजना किया बंद

इधर उन्नाव रेप पीड़िता को इंसाफ देने के मांग को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने विद्यालयों और कॉलजों के बाहर हस्ताक्षर अभियान शुरु किया है। कई कॉलेजों के बाहर व्हाइट बोर्ड लगाकर छात्र-छात्राओं से इस पर हस्ताक्षर कर उन्नाव रेप पीड़िता के लिए इंसाफ की अपील की गई है।

इस अपील को लेकर छात्राओं में काफी उत्साह देखा गया। जिस पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सभी छात्राओं का आभार जताया है।

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