वीडियो: गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने नाच-गाकर मनाई होली, कहा- सरकार को हर हाल में रद्द करना होगा कृषि कानून

होली उत्सव के दौरान किसानों ने कहा कि वो तब तक अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे, जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को रद्द नहीं कर देती और मिनिमम सपोर्ट प्राइस यानी एमएसपी की गारंटी का कानून नहीं बना देती।

फोटो: सोशल मीडिया
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पवन नौटियाल

मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 123 दिनों से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोनल जारी है। आज होली के रंग में भी प्रदर्शनकारी किसान डूबे। गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसान धूमधाम से होली का त्यौहार मना रहे हैं। बता दें, कृषि कानूनों के खिलाफ गाजीपुर बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने नाच-गाकर और एक-दूसरे को रंग लगाकर होली मनाई।

होली उत्सव के दौरान किसानों ने कहा, ‘हम सरकार से मांग करते हैं कि वो तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की हमारी मांग को स्वीकार कर ले और इन कानूनों को वापस ले लें ताकि हम अपने-अपने घर जा सकें’। किसानों की मांग है कि वो तब तक अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे, जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को रद्द नहीं कर देती और मिनिमम सपोर्ट प्राइस यानी एमएसपी की गारंटी का कानून नहीं बना देती।

गौरतलब है कि दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले किसानों ने रविवार को ‘होलिका दहन’ के दौरान तीन नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने एक बयान में कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों ने सीमाओं पर होली मनाई और यह सुनिश्चित किया कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया जाता। मोर्चे ने कहा कि पांच अप्रैल को ‘एफसीआई बचाओ दिवस' मनाया जायेगा और देशभर में सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के कार्यालयों को घेराव किया जाएगा।

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