कौन-कौन शामिल हैं सेंसर बोर्ड की नई समिति में, जानिए उनके बारे में

केंद्र सरकार ने सेंसर बोर्ड के 18 सदस्यीय समिति का ऐलान किया है। इसमें फिल्म, संगीत से जुड़े लोगों के साथ ही बीजेपी समर्थक और बीजेपी नेताओं को भी शामिल किया गया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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  • 'मैं अटल हूं' नाम की फिल्म में अटल बिहारी वाजपेयी और विवेक अग्निहोत्री की फिल्म 'ताशकंद' फाइल में भूमिका निभाने वाले पंकज त्रिपाठी शामिल

  • 'कश्मीर फाइल्स' और 'बंगाल फाइल्स' जैसी प्रोपेगेंडा फिल्म बनाने वाले विवेक अग्निहोत्री की पत्नी पल्लवी जोशी सेंसर बोर्ड में

  • सुनील शेट्टी को भी बोर्ड समिति में जगह

  • पीएम द्वारा गठित राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य स्व विमलेंद्र मोहन मिश्र के पुत्र और लेखकर यतीन्द्र मिश्र सेंसर बोर्ड समिति में

  • बीजेपी विधायक रूपा गांगुली और पूर्व बीजेपी सांसद हंसराज हंस को भी जगह

  • टेक्नालॉजी पृष्ठभूमि वाले और प्रसार भारती के पूर्व सीईओ शशि शेखर वेम्पति सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष

केंद्र सरकार ने केंद्रीय फिल्म प्रमारण बोर्ड यानी सेंसर बोर्ड का नए सिरे से गठन किया है। इस बोर्ड में फिल्म जगत से जुड़ी शख्सियतें, कुछ फिल्म पत्रकार और कुछ लेखक और साहित्य से जुड़े लोग हैं। नई समिति में शामिल कुछ नाम देखकर वैसे तो हैरानी नहीं होती, लेकिन उनकी विशेषज्ञता जानना उत्सुक करता है।

नए बोर्ड में कुल 18 सदस्य हैं। इनमें अभिनेता पंकज त्रिपाठी, सुनील शेट्टी, मनोज जोशी, प्रोसेंजीत चटर्जी, अभिनेत्री प्रीति जिंटा, रूपाली गांगुली और पल्लवी जोशी आदि शामिल हैं।

इनके अलावा इसमें विनोद अनुपम, अभिषेक जैन, रिकी केज, प्रियदर्शन, हंसराज हंस, सुप्रिया यार्लगड्डा, यतींद्र मिश्रा, रूपाली गांगुली, नील माधब पांडा, निशिगंधा वाड, वामन केंद्रे और रमेश पतांगे के नाम भी हैं।

जहां तक बोर्ड के सदस्यों की बात है तो पंकज त्रिपाठी मंझे हुए अभिनेता हैं और हाल के वर्षों में उन्होंने कई ऐसे किरदार निभाए हैं जिनमें उनके अभिनय की तारीफें हुई हैं। सिर्फ प्रसंग के लिए बताना जरूरी है कि पंकज त्रिपाठी ने 2024 में रिलीज हुई फिल्म ‘मैं अटल हूं’ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भूमिका निभाई थी। इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री से जुड़ी फिल्म ‘ताशकंद फाइल्स’ में भी पंकज त्रिपाठी ने एक अहम भूमिक निभाई थी।

इस फिल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री थे, जिन्होंने 2022 में कश्मीर फाइल्स, 2023 में वैक्सीन वॉर और 2025 में बंगाल फाइल्स नाम की फिल्में बनाई थीं। सेंसर बोर्ड में शामिल पल्लवी जोशी विवेक अग्निहोत्री की पत्नी हैं। याद दिला दें कि नवंबर 2022 में भारत में हुए अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में ज्यूरी हेड के तौर पर शामिल इजरायली फिल्मकार नदव लेपिड ने कश्मीर फाइल्स को ‘वल्गर और प्रोपेगेंडा’ करार दिया था। उनकी इस टिप्पणी से भारत में काफी बवाल हुआ था

कश्मीर फाइल्स को तो बाकायदा बीजेपी ने प्रोमोट किया था। सिनेमाघरों को बुक कराकर बीजेपी सरकारों के मंत्रियों आदि ने इसे देखा था और कई राज्यों ने इसे टैक्स फ्री कर दिया था। विवाद बढ़ने के बाद नदव लैपिड ने एक इंटरव्यू में कहा था कि, “ऐसे देशों में जहां सच बोलना बंद हो जाए और सिर्फ सरकार की तारीफ हो, वहां किसी को तो खड़ा होकर सच बोलना होगा।”


सेंसर बोर्ड में शामिल बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी का नाम भी रोचक है। यूं तो सुनील शेट्टी ठीक-ठाक अभिनेता रहे हैं और 90 के दशक में उनकी कई फिल्में लोकप्रिय रही थीं। लेकिन अभिनय की कसौटी पर सुनील शेट्टी कोई बहुत बड़ा नाम नहीं हैं। अलबत्ता बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी को लेकर उनकी टिप्पणियां चर्चा का विषय रही हैं। बीते दिनों उन्होंने टाइम्स नाउ न्यूज चैनल की संपादक नविका कुमार के साथ एक इंटरव्यू में पीएम मोदी की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा था उनकी पोती रोज सुबह गणपति के साथ मोदी की तस्वीर को भी लड्डू का भोग लगाती है।

बोर्ड के एक अन्य सदस्य यतीन्द्र मिश्र हैं जो अयोध्या के राजघराने से आते हैं। उनके पिता विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य थे। इस ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री मोदी ने किया था। यतीन्द्र मिश्र फिल्म और संगीत जगत के बारे में लिखते रहे हैं। लता मंगेशकर पर लिखी उनकी पुस्तक के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला था। इसके अलावा वे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समिति की विभिन्न ज्यूरियों में रहे हैं।

सेंसर बोर्ड की समिति में अभिनेत्री रूपा गांगुली भी हैं जो वर्तमान में पश्चिम बंगाल में बीजेपी की विधायक हैं। वहीं एक अन्य सदस्य हंसराज हंस गायक हैं और बीजेपी के पूर्व सांसद हैं। एक अन्य सदस्य फिल्म और टीवी अभिनेता मनोज जोशी हैं जो बीजेपी के समर्थक हैं और बीजेपी के लिए प्रचार करते रहे हैं। वे मूलरूप से गुजरात से आते हैं।


बोर्ड की समिति में शामिल लोग सिनेमा, संगीत, साहित्य और कला के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े हैं। जैसाकि विदित है कि सेंसर बोर्ड का काम फिल्मों को प्रमाणित करने से जुड़ा है और इसके फैसलों का फिल्मों की रिलीज पर सीधा असर पड़ता है। नए बोर्ड के गठन के साथ अब इन 18 सदस्यों की भूमिका फिल्म प्रमाणन से जुड़े मामलों में अहम होगी। सेंसर बोर्ड के नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है और फिलहाल यह सिनेमैटोग्राफ एक्ट और 2024 के फिल्म सर्टिफिकेशन नियमों के तहत काम करता है। नए सदस्यों का कार्यकाल अधिकतम 3 साल का होगा।

सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष शशि शेकर वैम्पति हैं जिनकी नियुक्त इसी साल मई में हुई थी। उनसे पहले गीतकार प्रसून जोशी सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष थे, लेकिन उन्होंने प्रसार भारती का चेयरमैन नियुक्त किए जाने के बाद सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष का पद खाली हो गया था जिस पर शशि शेखर वेम्पति को नियुक्त किया गया था। शशि शेखर वेम्पति फिल्मों से नहीं जुड़े हैं। वे एक टेक्नोक्रेट हैं और प्रसार भारती के सीईओ के तौर पर काम कर चुके हैं। उन्हें जनवरी 2026 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।