पटना में कोरोना मृतकों के दाह-संस्कार का विरोध पड़ा भारी, 6 नामजद और 15-20 अज्ञात पर केस दर्ज

पटना के बांस घाट शवदाह गृह में कोरोना संक्रमित का शव जलाने का विरोध करने वालों के खिलाफ थाने में प्राथमिक दर्ज कराई गई है। इस प्राथमिकी में 6 नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों को बिना अनुमति प्रदर्शन करने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने का आरोपी बनाया गया है।

फोटोः सोशल मीडिया
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आईएएनएस

बिहार की राजधानी पटना में गंगा के तट पर स्थित बांस घाट शवदाह गृह में कोविड-19 से संक्रमित एक व्यक्ति का शव जलाने के खिलाफ कुछ लोगों द्वारा विरोध-प्रदर्शन करने के मामले में बुद्धा कॉलोनी थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इस प्राथमिकी में छह लोगों को नामजद और 15 से 20 अन्य अज्ञात लोगों को सरकारी अनुमति के बिना जुलूस निकालने और सामाजिक दूरी का पालन नहीं करने का आरोपी बनाया गया है।

बुद्धा कॉलोनी थाना प्रभारी रवि शंकर सिंह ने बताया कि बांसघाट शवदाह गृह में कोविड-19 से संक्रमित एक व्यक्ति के शव के अंतिम संस्कार को लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया था और जुलूस निकाला था। इसके लिए किसी प्रकार की सरकारी अनुमति नहीं ली गई थी, जबकि बिहार में 31 जुलाई तक पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई है।

थाना प्रभारी रवि शंकर सिंह ने बताया कि बांसघाट में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी चंदन प्रसाद के लिखित बयान पर बुद्धा कॉलोनी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें छह को नामजद और 15 से 20 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। प्रदर्शनकारी कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति का शव दाह अन्य शवों से दूर किए जाने की मांग कर रहे थे।

गौरतलब है कि राजधानी पटना में किसी कोरोना संक्रमित की मौत होने के बाद उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए बांसघाट लाया जा रहा है। लेकिन बीते दिनों एक संक्रमित मृतक का शव दाह संस्कार के लिए लाए जाने पर स्थानीय लोग भड़क गए थे और उन्होंने इलाके में एकत्र होकर जुलूस निकाला था। अब इस मामले में पटना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज कर लिया है।

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