गुजरात में भरूच के कोविड अस्पताल में आग लगने से 16 मरीजों और 2 नर्सों की मौत, बिना फायर एनओसी के चल रहा था अस्पताल

गुजरात के भरुच जिले में एक कोविड अस्पताल में लगी आग से कम से कम 16 मरीजों और दो नर्सों की मौत हो गई। आग के कारणों का पता नहीं लगा है और मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। बताया गया है कि यह अस्पताल बिना फायर एनओसी के ही चल रहा था।

फोटो : आईएएनएस
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आईएएनएस

गुजरात के भरूच जिले के कोविड अस्पताल में देर रात आग लगने से कम से कम 16 कोविड मरीजों की मौत हो गई। आधी रात को आईसीयू वार्ड में आग लगने पर 50-60 से अधिक मरीजों को पटेल कल्याण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अग्निशमन अधिकारियों ने कहा है कि अस्पताल में आग के लिए एनओसी नहीं थी। राज्य की राजधानी अहमदाबाद से लगभग 190 किलोमीटर दूर भरूच-जंबूसर राजमार्ग पर कोविड अस्पताल में आधी रात को आग लग गई। अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है।

ऐसा माना जाता है कि आईसीयू में भर्ती किए गए गंभीर कोविड रोगियों में से लगभग 16 की आग में झुलसने से मौत हो गई थी, जो संभवत: लीक हुए ऑक्सीजन सिलेंडर से हुई थी। लेकिन उस पर कोई पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक, एक घंटे के भीतर आग पर काबू पा लिया गया और करीब 50 मरीजों को बचाकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

यह पता चला है कि अस्पताल के पास फायर एनओसी नहीं थी। भरुच के क्षेत्रीय अग्निशमन अधिकारी दीपक मखीजा ने कहा, अस्पताल की दूसरी इमारत को अग्निशमन विभाग से एनओसी मिल गई है, लेकिन इस इमारत के पास एनओसी नहीं थी। इस बीच, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। सीएम ने भी घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

रूपानी ने कहा, "मैं भरूच अस्पताल में आग से जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। राज्य सरकार दुर्घटना के पीड़ितों के परिवारों को 4 लाख रुपये की सहायता प्रदान करेगी।" सीएम ने इस घटना की जांच के लिए दो आईएएस अधिकारियों, श्रम और रोजगार विभाग, अतिरिक्त मुख्य सचिव एसीएस विपुल मित्रा और आयुक्त नगर पालिका प्रशासन, राजकुमार बेनीवाल को नियुक्त किया है। दोनों अधिकारियों को तुरंत जगह भेज दिया गया है।

सीएम ने कहा कि सरकार इस घटना की न्यायिक जांच करने की भी सोच रही है।

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