देश की राजधानी में डेंगू से पहली मौत, इस साल अब तक 723 मामले दर्ज, मलेरिया, चिकनगुनिया ने भी बढ़ाई चिंता

गर्मी और बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया ज्यादा फैलता है। डेंगू बुखार आने पर सिर, मांसपेशियों, जोड़ों और आंखों के पिछले हिस्से में तेज दर्द होता है, कमजोरी, भूख न लगना, गले में दर्द भी होता है। डेंगू के प्रभाव से प्लेटलेट्स की संख्या कम होने लगती है।

फोटोः IANS
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नवजीवन डेस्क

राजधानी दिल्ली में डेंगू का खतरा थमने का नाम नहीं ले रहा है। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार सोमवार सुबह दिल्ली में डेंगू से इस साल की पहली मौत दर्ज हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल अब तक कुल 723 डेंगू के मामले सामने आए हैं। एसडीएमसी दिल्ली में वेक्टर जनित रोगों के आंकड़ों के लिए नोडल एजेंसी है।

दरअसल दिल्ली में अक्टूबर में डेंगू के मामलों में अचानक तेज वृद्धि देखी गई है। इस महीने 16 अक्टूबर तक कुल 382 मामले सामने आ चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अब तक मलेरिया के कुल 142 मामले और चिकनगुनिया के 69 मामले सामने आए हैं। हालांकि, मलेरिया और चिकनगुनिया से अभी तक किसी की मौत की खबर नहीं है।

एसडीएमसी द्वारा साझा की गई रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में सितंबर में डेंगू के 217 मामले दर्ज किए गए थे, जो पिछले तीन वर्षो में एक ही महीने में सबसे अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 में कुल 1,072 मामले सामने आए और एक मौत हुई। सितंबर 2020 में, कुल 188 डेंगू के मामले सामने आए, जबकि सितंबर 2019 में एसडीएमसी के आंकड़ों के अनुसार कुल 190 मामले सामने आए।

रिपोर्ट एक अनुसार, दक्षिणी निगम में अब तक कुल 202 मामले सामने आए हैं, वहीं उत्तरी निगम क्षेत्र में 166 और पूर्वी निगम क्षेत्र में 83 मरीजों के मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) क्षेत्र में 21, दिल्ली कैंट में 13 मरीज तो वहीं 235 मरीजों के पते की पुष्टि नहीं हो सकी है।

यदि इस साल में अब तक मामलों की बात करें तो दिल्ली में जनवरी महीने में डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया था, वहीं फरवरी में 2, मार्च में 5, अप्रैल में 10 मामले दर्ज किये गए। इसके अलावा मई महीने में 12 मामले सामने आएये तो जून महीने में 7, जुलाई में 16, अगस्त महीने में 72 मामले सामने आए और सितंबर महीने में 217 दर्ज किए गए थे।

डेंगू का मौसम मानसून के बाद शुरू होता है और सर्दियों की शुरुआत तक रहता है। गर्मी और बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया ज्यादा फैलता है। डेंगू के मच्छर साफ और स्थिर पानी में पैदा होते हैं, जबकि मलेरिया के मच्छर गंदे पानी में भी पनपते हैं। डेंगू व चिकनगुनिया के मच्छर ज्यादा दूर तक नहीं जाते हैं। हालांकि जमा पानी के 50 मीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए परेशानी हो सकती है। डेंगू बुखार आने पर सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होने लगता है, वहीं आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, कमजोरी, भूख न लगना, गले में दर्द भी होता है। डेंगू के प्रभाव से प्लेटलेट्स की संख्या कम होने लगती है।

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