उत्तर प्रदेश में कोरोना के कप्पा वैरिएंट के पहले मरीज की मौत, गोरखपुर से लखनऊ तक मचा हड़कंप

गोरखपुर से 30 कोरोना संक्रमितों के नमूने जीनोम सीक्वेसिंग के लिए दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव भेजा गए थे, जिनकी रिपोर्ट बुधवार को आई। इनमें से 27 मरीजों में डेल्टा, दो मरीजों में डेल्टा प्लस और एक में कप्पा वैरिएंट की पुष्टि हुई।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

उत्तर प्रदेश में कोरोना को लेकर एक परेशान करने वाली खबर सामने आई है। यहां कोरोना के कप्पा वैरिएंट के पहले मरीज ने दम तोड़ दिया है। मरीज की उम्र 66 वर्ष थी और उसका कई दिनों से गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। मृतक संतकबीरनगर जिले का रहने वाला था। उसकी मौत की पुष्टि माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने की है।

यूपी में संभवत: कप्पा वैरिएंट का यह पहला मामला था, जो गोरखपुर में मिला था। जानकारी के अनुसार, बीआरडी मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबॉयोलॉजी टीम ने 30 कोरोना संक्रमितों का नमूना अप्रैल और मई में जुटाया था। जीनोम सीक्वेसिंग के लिए इन नमूनों को दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट बुधवार को आई। इनमें से 27 मरीजों में डेल्टा, दो मरीजों में डेल्टा प्लस और एक में कप्पा वैरिएंट की पुष्टि हुई।


कोरोना के बेहद घातक और अत्यधिक संक्रमणकारी स्वरुप कप्पा वैरिएंट का मरीज मिलने से गोरखपुर से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मच गया था। हालांकि, लंबे इलाज के बाद गुरुवार सुबह उस मरीज ने दम तोड़ दिया। अब उसके बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और उसकी ट्रैवल हिस्ट्री के साथ उससे मिलने-जुलने वाले लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

वहीं जांच में यह भी पता चला है कि कोरोना की दूसरी लहर में गोरखपुर में डेल्टा, डेल्टा प्लस और कप्पा वैरिएंट ने तबाही मचाई थी। फिलहाल 30 मरीजों की जीनोम सीक्वेसिंग में कोरोना के घातक संक्रमण वाले इन नए वैरिएंट की जानकारी मिली है। इनमें से डेल्टा प्लस से संक्रमित देवरिया के 66 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो चुकी है। जबकि दूसरी संक्रमित मेडिकल छात्रा होम आईसोलेशन में रहकर अब स्वस्थ है। दोनों ही मरीजों की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं मिली है।


बता दें कि कोरोना का डेल्टा प्लस वैरिएंट बेहद खतरनाक माना जा रहा है। इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट घोषित किया है, जिसके बाद भारत ने भी इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न घोषित किया है। कोरोना का यह स्वरूप बेहद घातक है। अब तक देश के कई राज्यों में इसके मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें कई मरीजों की मौत हो चुकी है।

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