ओडिशा में ‘तितली’ के तांडव के बाद भारी बारिश से मंडराया बाढ़ का खतरा

तितली तूफान की वजह से ओडिशा और आंध्र प्रदेश तट के बीच भूस्खलन की घटना हुई है, जिसकी वजह से गंजम, गजपति जिले में सड़क और दूरसंचार संपर्क टूट गया और यहां बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई।

फोटो: सोशल मीडिया
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ओडिशा में चक्रवाती तूफान तितली के गुजरने के बाद राज्य में भारी बारिश से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। तूफान के गुजरने के बाद राज्य के कई जिलों में बारिश हो रही है, जिसके चलते खास तौर पर राज्य के तटीय पट्टों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। भारतीय मौसम विज्ञान विभागने कहा कि अगले 24 घंटे में दूरदराज के इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका है। वहीं तूफान की चपेट में आने से 8 लोगों की मौत हो चुकी है।

मुख्य सचिव आदित्य प्रसाद पधी ने कहा, "पूरे राज्य में कुछ पश्चिमी भागों को छोड़कर पूरे दिन बारिश होने की आशंका है, बारिश होने के बाद, तटीय ओडिशा में बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। अभी हालांकि बाढ़ की स्थिति नहीं है।" उन्होंने कहा, "चक्रवाती तूफान की वजह से गजपति और रायगढ़ जिले में भारी बारिश हो रही है, जिस वजह से वंशधारा नदी में बाढ़ आ सकती है।"

अधिकारी ने कहा कि सबसे ज्यादा प्रभावित गजपति जिले में 200 मिलीमीटर की बारिश हुई है, जबकि जिले के मोहाना ब्लॉक में अधिकतम 305 मिलीमीटर की बारिश दर्ज की गई।

तितली तूफान की वजह से ओडिशा और आंध्र प्रदेश तट के बीच भूस्खलन की घटना हुई है, जिसकी वजह से गंजम, गजपति जिले में सड़क और दूरसंचार संपर्क टूट गया और यहां बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई।

पधी ने कहा, "गजपति जिले में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जहां पेड़ उखड़ गए, यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। हालांकि गजपति जिले में अनुमान के मुताबिक कम हानि हुई है। उन्होंने कहा कि पुनर्वास कार्यों के लिए एनडीआरएफ की दो और टीमों को लगाया गया है।

यहां अब तक तीन लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है और इन लोगों के लिए 1,112 राहत शिविर लगाए गए हैं। गंजम की 105 व जगतसिंहपुर की 18 गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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Published: 12 Oct 2018, 9:45 AM