उत्तर प्रदेश के 16 जिलों में मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, नदियों के उफान को देखते हुए हाई अलर्ट जारी

राहत आयुक्त ने कहा कि 14 जून से रिमोट सेंसिंग तस्वीरों में यह देखा गया था कि महाराजगंज में 28,581 हेक्टेयर और सिद्धार्थ नगर में 2,674 हेक्टेयर क्षेत्र पहले से ही पानी में हैं। इसके बाद से इन जिलों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

उत्तर प्रदेश के 16 जिलों को आने वाले दिनों में बाढ़ के लिए हाई अलर्ट पर रखा गया है। इनमें लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, महाराजगंज, देवरिया, बस्ती, कुशीनगर, सिद्धार्थ नगर, गोरखपुर, गोंडा, संत कबीर नगर, बलिया, बाराबंकी, सीतापुर और मऊ शामिल हैं। राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद ने इन जिलों के प्रशासन को नोटिस जारी कर आने वाले दिनों में बाढ़ की आशंका जताई है।

प्रभावित जिले रोहिणी, शारदा, घाघरा और राप्ती जैसी नदी के किनारे पर हैं, जिनमें जलस्तर नेपाल और यूपी के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण बढ़ रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, रोहिणी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि शारदा, घाघरा और राप्ती खतरे के निशान के करीब हैं और भारी बारिश के कारण बढ़ने की प्रवृत्ति दिखा रहे हैं।


राहत आयुक्त ने कहा कि 14 जून से रिमोट सेंसिंग तस्वीरों में यह देखा गया था कि महाराजगंज में 28,581 हेक्टेयर और सिद्धार्थ नगर में 2,674 हेक्टेयर क्षेत्र पहले से ही पानी में हैं। इसके बाद से इन जिलों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है।

अधिकारी ने कहा, "हम हैदराबाद के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर के संपर्क में हैं और बाढ़ वाले इलाकों की रोजाना तस्वीरें ले रहे हैं।"

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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