हरिद्वार में कुट्टू के आटे की पकौड़ी खाने से 100 लोगों की हालत बिगड़ी, प्रशासन में मचा हड़कंप

हरिद्वार के जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय और सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह ने कुट्टू का आटा खाने से बीमार हुए लोगों का जिला अस्पताल पहुंचकर हाल जाना। जिलाधिकारी ने कहा कि घटना की पूरी जांच कराई जा रही है। इस मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

फोटोः IANS
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नवजीवन डेस्क

उत्तराखंड के हरिद्वार में नवरात्र के पहले दिन कुट्टू के आटे की पकौड़ी खाने से करीब 100 लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। ये लोग हरिद्वार के कांगड़ी, गाजीवाली, श्यामपुर और भूपतवाला के रहने वाले हैं। इनका इलाज जिला अस्पताल और मेला अस्पताल में चल रहा है। सूचना पर प्रशासन में भी हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय ने कहा कि घटना के कारणों की जांच कराई जा रही है। इस मामलो में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय और सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह ने कुट्टू का आटा खाने से बीमार हुए लोगों का जिला चिकित्सालय पहुंचकर हाल चाल जाना। भर्ती मरीजों के उचित इलाज के संबंध में अस्पताल का निरीक्षण किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार को बीमार व्यक्तियों की उचित देखरेख और इलाज के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त आवश्यकता पड़ने पर यदि निजी चिकित्सालय में भी मरीजों को भर्ती कराया जाना हो तो तत्काल इसके लिए तैयार रहने के निर्देश भी दिए।


नवरात्र के पहले दिन कुट्टू का आटा खाने से श्यामपुर क्षेत्र में 21 लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। आनन-फानन में परिजन उन्हें कांगड़ी स्थित निजी अस्पताल ले गए, जहां से छह की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। जहां उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। खाद्य विभाग ने कुट्टू के आटे के सैंपल ले लिए हैं। सूचना मिलने के बाद श्यामपुर पुलिस भी उन दुकानदारों से पूछताछ कर रही है जहां से कुट्टू का आटा खरीदा गया था।

नवरात्रि में अधिकांश लोग व्रत रखते हैं और फलाहार का सेवन करते हैं, जिसमें मुख्यत: कुट्टू के आटे का सेवन किया जाता है। ऐसे में मिलावट खोर और सक्रिय हो जाते हैं। शनिवार को नवरात्र का पहला व्रत तोड़ने के बाद कई लोगों ने कुट्टू के आटे का सेवन किया, जिससे श्यामपुर क्षेत्र में ही करीब 21 लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। आनन-फानन में परिजन उन्हें कांगड़ी स्थित निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने छह की गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। वहां उनकी हालत अभी भी स्थिर बनी हुई है। वहीं अन्य का कांगड़ी स्थित अस्पताल में इलाज चल रहा है। देर रात से लेकर रविवार करीब 11 बजे तक भी फूड प्वाइजनिंग के मरीजों के आने का सिलसिला लगातार जारी था।

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